Myanmar Blast : नेपीडॉ/नामखाम। भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में हुए एक भीषण विस्फोट ने भारी तबाही मचा दी। चीन सीमा के नजदीक स्थित नामखाम टाउनशिप के कौंगटुप गांव में हुए इस महाधमाके में कम से कम 55 लोगों की मौत हो गई है, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। मृतकों में 6 बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। राहत एवं बचाव कार्य जारी है और आशंका जताई जा रही है कि कई लोग अब भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं।
जानकारी के अनुसार यह घटना रविवार दोपहर उस समय हुई जब गांव की एक इमारत में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। विस्फोट के कारण आसपास के 100 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए और पूरा इलाका मलबे में तब्दील हो गया।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक जिस भवन में विस्फोट हुआ, वहां बड़ी मात्रा में जेलिग्नाइट जैसे संवेदनशील विस्फोटक पदार्थ का भंडारण किया गया था। जेलिग्नाइट का उपयोग आमतौर पर खनन और चट्टानों को तोड़ने के कार्यों में किया जाता है। प्रारंभिक आशंका है कि इसी विस्फोटक सामग्री में विस्फोट होने से इतनी बड़ी दुर्घटना हुई।
रविवार शाम तक बचाव दलों ने 46 शव बरामद कर लिए थे, जबकि बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर 55 तक पहुंच गई। घायलों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार मलबा हटाने का कार्य कर रही हैं। कई लोगों के अब भी लापता होने की सूचना है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
यह इलाका वर्तमान में तआंग नेशनल लिबरेशन आर्मी (TNLA) के नियंत्रण में है, जो म्यांमार की सैन्य सरकार के खिलाफ संघर्षरत प्रमुख सशस्त्र समूहों में से एक है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है।
सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया में सामने आई तस्वीरों और वीडियो में विस्फोट के बाद उठता विशाल धुएं का गुबार, ध्वस्त मकान और चारों ओर फैला मलबा दिखाई दे रहा है। राहतकर्मी लगातार प्रभावित क्षेत्र में खोज अभियान चला रहे हैं।

