धमतरी/गरियाबंद। उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी पोचिंग टीम ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अलग-अलग गांवों में छापेमारी कर हाथी दांत, दुर्लभ वन्यजीवों के अवशेष और भारी मात्रा में शिकार उपकरण बरामद किए हैं। इस कार्रवाई में कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि एक मुख्य आरोपी फरार बताया जा रहा है।
कुल्हाड़ीघाट में हाथी दांत और हथियार बरामद
मुखबिर की सूचना पर 22 मार्च को टीम ने ग्राम कुल्हाड़ीघाट में पदमन कमार के घर और बाड़ी में छापा मारा। तलाशी के दौरान एक हाथी दांत (10 सेमी लंबाई, 13 सेमी गोलाई) बरामद हुआ। इसके अलावा 2 धनुष, 12 तीर, 2 गुलेल और पक्षियों के शिकार में उपयोग होने वाला विशेष धनुष भी जब्त किया गया। साथ ही जंगली सुअर का दांत और बालों का गुच्छा भी मिला।
कार्रवाई के दौरान पुसऊराम कमार और सुखचंद नेताम को मौके से गिरफ्तार किया गया। दोनों को राजिम न्यायालय में पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मुख्य आरोपी पदमन कमार फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
दूसरी कार्रवाई में उड़न गिलहरी की खाल जब्त
एक अन्य छापेमारी में टीम ने गंगाधर मरकाम के ठिकाने से दुर्लभ उड़न गिलहरी की खाल, मोर का पैर और कोटरी का सींग बरामद किया। इस मामले में गंगाधर मरकाम, गंगाराम कमार और जयसिंह सोरी के खिलाफ मामला दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
कड़े कानून के तहत कार्रवाई
वन विभाग ने सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं 9, 27, 29, 39 और 44 के तहत अपराध दर्ज किया है। विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों का शिकार और उनके अंगों का व्यापार गंभीर अपराध है, जिसमें कड़ी सजा और लंबी जेल का प्रावधान है।
वन विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वन्यजीव संरक्षण में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

