तेहरान/नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के बीच Iran’ ने रविवार, 19 अप्रैल 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर एक बार फिर दुनिया को दहलाने वाली धमकी दी है। ईरानी सैन्य कमान ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उसके बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी जारी रहेगी, वह इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों को रोकता रहेगा। यह बयान उस समय आया है जब एक दिन पहले ही ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की नौकाओं द्वारा अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर फायरिंग की खबरें सामने आई थीं। ईरान का कहना है कि वह हथियार उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है और अपनी समुद्री सीमाओं की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगा।
संघर्ष का मुख्य कारण और 5W1H
ईरान और अमेरिका के बीच यह ताजा विवाद तब शुरू हुआ जब ट्रंप प्रशासन ने ईरानी बंदरगाहों की पूर्ण नाकेबंदी कर दी। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने और जहाजों पर हमला करने की नीति अपनाई है। 18 अप्रैल को ओमान के तट के पास दो जहाजों पर हमले के बाद ईरान ने यह चेतावनी जारी की। ईरान का दावा है कि यदि उसके जहाजों को स्वतंत्र रूप से आवाजाही की अनुमति नहीं मिली, तो वह किसी भी व्यावसायिक जहाज को सुरक्षित रास्ता नहीं देगा।
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वैश्विक तेल आपूर्ति पर संकट के बादल
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है, जहाँ से दुनिया के कुल कच्चे तेल का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। ईरान की इस नई धमकी के बाद वैश्विक बाजारों में हलचल है:
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कीमतों में उछाल: कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में वैश्विक स्तर पर भारी बढ़ोतरी की आशंका है।
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शिपिंग फर्मों में डर: बड़ी शिपिंग कंपनियों ने इस रास्ते से अपने जहाजों को भेजने पर फिलहाल रोक लगा दी है।
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हमलों का खतरा: IRGC ने चेतावनी दी है कि लंगर डाले हुए किसी भी जहाज की हलचल को ‘दुश्मन की मदद’ माना जाएगा और उसे निशाना बनाया जा सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिशें
लेबनान में संघर्षविराम शुरू होने के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोल दिया जाएगा। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नाकेबंदी जारी रखने के फैसले ने स्थिति को फिर से विस्फोटक बना दिया है। फिलहाल पाकिस्तान और अन्य मध्यस्थ देश युद्धविराम को स्थायी बनाने और इस समुद्री संकट को टालने के लिए पर्दे के पीछे से बातचीत कर रहे हैं।

