Tokhan Sahu’ नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद के समाधान को लेकर नई पहल होती दिखाई दे रही है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से मुलाकात कर इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी भी मौजूद रहे।
लंबे समय से लंबित है विवाद
महानदी के जल बंटवारे को लेकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच कई वर्षों से विवाद चला आ रहा है। ओडिशा सरकार ने छत्तीसगढ़ में बनाए जा रहे बांधों और बैराजों पर आपत्ति जताई थी, जबकि छत्तीसगढ़ का कहना है कि राज्य अपने हिस्से के पानी का उपयोग विकास कार्यों और सिंचाई परियोजनाओं के लिए कर रहा है।
यह मामला न्यायाधिकरण तक भी पहुंच चुका है, लेकिन अब केंद्र सरकार राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश में जुटी है।
मुख्यमंत्रियों की बैठक की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय स्तर पर हुई चर्चा के बाद जल्द ही छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के बीच बैठक आयोजित की जा सकती है। इस बैठक में दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी और जल संसाधन विभाग के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
तोखन साहू ने कहा कि महानदी दोनों राज्यों की जीवनरेखा है और इसका समाधान आपसी सहमति और संवाद के जरिए ही संभव है। उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र सरकार इस दिशा में सकारात्मक भूमिका निभाएगी।
किसानों और उद्योगों के लिए अहम मुद्दा
महानदी का पानी छत्तीसगढ़ और ओडिशा के लाखों किसानों, पेयजल योजनाओं और औद्योगिक इकाइयों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। जल उपलब्धता को लेकर अनिश्चितता का असर सिंचाई परियोजनाओं और भविष्य की विकास योजनाओं पर भी पड़ता है। इसलिए दोनों राज्यों के लिए संतुलित और दीर्घकालिक समाधान आवश्यक माना जा रहा है।
बैठक के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने दोनों राज्यों के हितों को ध्यान में रखते हुए सौहार्दपूर्ण समाधान खोजने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को तकनीकी और कानूनी पहलुओं की समीक्षा कर व्यावहारिक सुझाव तैयार करने के निर्देश भी दिए।

