कटनी जिले की रीठी तहसील स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नए बीएमओ के पदभार संभालने के बाद कई व्यवस्थाओं में सुधार देखने को मिला है। अस्पताल में लंबे समय से चली आ रही अनियमितताओं और कर्मचारियों की लापरवाही पर काफी हद तक अंकुश लगाया गया है, लेकिन अब भी एक बड़ी समस्या जस की तस बनी हुई है।
स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ कई कर्मचारी आज भी मुख्यालय रीठी में निवास नहीं कर रहे हैं और रोजाना कटनी से अपडाउन कर रहे हैं। जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी अपने पदस्थ मुख्यालय में ही निवास करेंगे, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
रीठी से कटनी की दूरी लगभग 32 किलोमीटर है और आने-जाने में करीब एक घंटे का समय लगता है। यही कारण है कि सुबह अस्पताल खुलने के निर्धारित समय के बावजूद अधिकांश कर्मचारी समय पर नहीं पहुंच पाते। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई स्वास्थ्य कर्मी सुबह 11:30 बजे के पहले अस्पताल नहीं पहुंचते, जिससे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे ज्यादा दिक्कत दूर-दराज से आने वाले मरीजों और गर्भवती महिलाओं को होती है, जिन्हें घंटों डॉक्टर और स्टाफ के इंतजार में बैठना पड़ता है। समय पर उपचार नहीं मिलने से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि नए बीएमओ ने व्यवस्था सुधारने की अच्छी शुरुआत की है, लेकिन मुख्यालय में निवास नहीं करने वाले कर्मचारियों पर सख्ती जरूरी है। लोगों ने मांग की है कि ऐसे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर उन्हें मुख्यालय में रहने के निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह पटरी पर लौट सकें।

