धमतरी | धमतरी जिला अस्पताल इन दिनों स्वास्थ्य सुविधाओं से ज्यादा विवादों के कारण सुर्खियों में है। अस्पताल की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले 25 सुरक्षाकर्मियों ने अब अपने ही ‘हाकिम’ यानी सिविल सर्जन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे सुरक्षा गार्डों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सिविल सर्जन पर गंभीर आरोप लगाए और न्याय की गुहार लगाई है।
सुरक्षा के बदले कराया ‘वार्ड बॉय’ का काम:
कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में सुरक्षाकर्मियों ने बताया कि उनसे अस्पताल की सुरक्षा के बजाय वार्ड बॉय और सफाई कर्मियों वाले काम लिए जा रहे थे। गार्डों का आरोप है कि उन्हें मरीजों का नाश्ता बांटने, स्ट्रेचर पर मरीजों को ढोने और मेडिकल पर्ची बनाने जैसे कामों में लगाया गया। जब गार्डों ने इन गैर-जरूरी कार्यों का विरोध किया या ड्यूटी पर सो रहे वार्ड बॉय को टोका, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
भविष्य पर मंडराया संकट,नोटिस से बढ़ी नाराजगी:
विवाद उस समय और गहरा गया जब टेंडर समाप्त होने के बाद गार्डों को कार्यमुक्त कर दिया गया। गार्डों का कहना है कि सिविल सर्जन ने द्वेषवश उन्हें नोटिस जारी किया है, जिससे उनके चरित्र और भविष्य के रोजगार पर खतरा मंडरा रहा है। सुरक्षाकर्मियों ने इसे अपने करियर के साथ खिलवाड़ बताते हुए कहा कि सिविल सर्जन नियमों को ताक पर रखकर एकतरफा कार्रवाई कर रहे हैं।
कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश:
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने सुरक्षाकर्मियों की शिकायतों को सुना और तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन ने उचित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कहा है कि किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
सुरक्षा का: अगर अस्पताल में तैनात सुरक्षाकर्मी ही खुद को असुरक्षित महसूस करेंगे और उनसे तकनीकी स्टाफ का काम लिया जाएगा, तो अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और मरीजों की देखरेख पर सवाल उठना लाजमी है।

