धमतरी।।धमतरी जिले में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा देने के लिए आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के ‘दिशा दर्शन भ्रमण’ कार्यक्रम के तहत जिले की 80 उत्साही महिलाएं मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के लिए रवाना हुई हैं। नगर निगम धमतरी के महापौर रामू रोहरा ने सुबह 11 बजे हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया, जो इन महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के सपनों की एक नई शुरुआत है।
यह भ्रमण केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि एक गहन ‘फील्ड ट्रेनिंग’ के रूप में देखा जा रहा है। मध्यप्रदेश का डिंडौरी जिला वर्तमान में मिलेट्स (मोटा अनाज) और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रहा है। धमतरी की ये महिलाएं वहां मिलेट्स आधारित उत्पादों के निर्माण की आधुनिक तकनीक, प्रसंस्करण मशीनों का उपयोग और पेशेवर पैकेजिंग के गुर सीखेंगी। इसके साथ ही, उन्हें मार्केटिंग की बारीकियों, बैंक लिंकेज और सरकारी सब्सिडी योजनाओं का लाभ उठाने की व्यावहारिक जानकारी भी दी जाएगी।
वर्तमान में जिले के विभिन्न विकासखंडों से जुड़ी ये महिलाएं पहले से ही स्व-सहायता समूहों के माध्यम से खाद्य सामग्री तैयार कर रही हैं। हालांकि, अक्सर आधुनिक तकनीक और बाजार की सही समझ न होने के कारण उनका व्यवसाय एक सीमित दायरे तक ही रह जाता है। ऐसे में डिंडौरी का यह दौरा उनके लिए एक ‘गेम चेंजर’ साबित हो सकता है, जहाँ वे सफल व्यवसायों के मॉडल को प्रत्यक्ष रूप से देखेंगी।
यात्रा के दौरान सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए श्रीमती प्रतिभा गोस्वामी, श्रीमती प्रियंका साहू और श्रीमती कालिन्दी देशलहरे सहित अन्य पर्यवेक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। 31 मार्च को जब ये महिलाएं वापस लौटेंगी, तो उम्मीद है कि उनके पास केवल अनुभव ही नहीं, बल्कि धमतरी के ग्रामीण अंचलों में नए उद्यम खड़े करने का एक ठोस ब्लूप्रिंट भी होगा। यह पहल न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि मिलेट्स के क्षेत्र में धमतरी को एक नई पहचान दिलाने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगी।


