रायपुर/धमतरी, 28 अप्रैल 2026। भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई के बाद आधिकारिक प्रेस नोट जारी कर पूरे मामले का खुलासा किया। ED के रायपुर ज़ोनल कार्यालय ने अभनपुर, रायपुर, धमतरी और कुरुद में 8 ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें बड़ी मात्रा में नकदी, चांदी और डिजिटल साक्ष्य बरामद होने की पुष्टि की गई है।
ED द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, तलाशी के दौरान 66.9 लाख रुपये नकद, करीब 37.13 किलोग्राम वज़न की चांदी की ईंटें व अन्य चांदी के आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कई आपत्तिजनक दस्तावेज़ जब्त किए गए। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि ये बरामदियां जांच में अहम साक्ष्य के रूप में उपयोग की जाएंगी।

प्रेस नोट में बताया गया है कि यह कार्रवाई PMLA, 2002 की धारा 17 के तहत की गई। जांच ACB/EOW, रायपुर द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई, जिसमें अभनपुर के तत्कालीन एसडीओ (राजस्व) निर्भय साहू सहित अन्य आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और भारतीय दंड संहिता, 1860 के तहत मामला दर्ज है। आरोप है कि भूमि अधिग्रहण के दौरान सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर कर अवैध मुआवज़ा प्राप्त किया गया।
ED ने अपने प्रेस नोट में यह भी खुलासा किया है कि आरोपियों ने अधिसूचना के बाद भूमि स्वामित्व में बदलाव, जमीन के कृत्रिम टुकड़े कर मुआवज़ा बढ़ाने और खसरा रिकॉर्ड में हेरफेर जैसे तरीकों से अतिरिक्त राशि हासिल की। एजेंसी के अनुसार यह राशि ‘Proceeds of Crime’ की श्रेणी में आती है, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ है। मामले में आगे की जांच जारी है।

