यशवंत गंजीर, धमतरी। धमतरी जिले के अर्जुनी थाना क्षेत्र में आधी रात वाहन जांच के दौरान युवक और पुलिसकर्मियों के बीच हुए विवाद का मामला अब पुलिस मुख्यालय तक पहुंच गया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और मामले के तूल पकड़ने के बाद धमतरी पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के लिए तीन डीएसपी की विशेष जांच समिति गठित कर दी है। साथ ही मामले से जुड़े पुलिसकर्मियों और संबंधित युवक को नोटिस जारी कर बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
घटना 4 और 5 जून की दरमियानी रात की बताई जा रही है। अर्जुनी थाना क्षेत्र के पोटियाडीह ब्रिज स्थित फिक्स्ड पेट्रोलिंग प्वाइंट पर पुलिस नियमित वाहन जांच कर रही थी। इसी दौरान एक बाइक सवार युवक को रोकने पर पुलिस और युवक के बीच तीखी बहस हो गई।
युवक का आरोप है कि वह अपनी पत्नी और छोटी बच्ची के साथ फिल्म देखकर घर लौट रहा था। जांच के दौरान पुलिसकर्मियों ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया, थप्पड़ मारा और बाइक की चाबी छीन ली। विवाद बढ़ने पर युवक ने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
पुलिस ने आरोपों को बताया गलत
वहीं पुलिस का कहना है कि बाइक का आगे का नंबर प्लेट क्षतिग्रस्त था, जिसके कारण वाहन को नियमित जांच के लिए रोका गया था। पुलिस के अनुसार दस्तावेज और पहचान पत्र मांगने पर युवक ने सहयोग करने के बजाय बहस शुरू कर दी। पुलिस का यह भी दावा है कि युवक वीडियो बनाकर पुलिसकर्मियों को उकसाने का प्रयास कर रहा था।
तीन डीएसपी करेंगे जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सूरज सिंह परिहार ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति का नेतृत्व डीएसपी मोनिका मरावी करेंगी। उनके साथ डीएसपी भानु प्रताप चंद्राकर और डीएसपी यशकरण ध्रुव सदस्य के रूप में पूरे घटनाक्रम की जांच करेंगे।
जांच समिति दोनों पक्षों के बयान दर्ज करेगी, वायरल वीडियो का परीक्षण करेगी तथा उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि घटना में किस पक्ष की क्या जिम्मेदारी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक विभागीय अथवा वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे जिले में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और अब सभी की नजरें तीन डीएसपी की जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे वायरल वीडियो के पीछे की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।

