कुरूद। क्षेत्र में बढ़ती खाद की कमी को लेकर कांग्रेस नेता लेखराम साहू ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि खाद संकट ने किसानों को गहरे संकट में डाल दिया है और हालात ऐसे बन गए हैं कि किसान अब यह सोचने को मजबूर हैं कि आखिर खेती करें तो किस भरोसे।
कांग्रेस नेता लेखराम साहू ने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त खाद के बेहतर उत्पादन संभव नहीं है, जिससे किसानों को सीधा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जो सरकार खुद को किसानों की हितैषी बताती है, वही आज किसानों के चेहरे पर चिंता की गहरी लकीर खींच रही है।
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उन्होंने आगे कहा कि कई किसान ऐसे हैं जो खेती तो करते हैं, लेकिन दस्तावेजों की कमी के कारण उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है। खुले बाजार में भी टोकन सिस्टम लागू होने से स्थिति और बिगड़ गई है—ज्यादा दाम देने पर भी खाद उपलब्ध नहीं हो रही। कालाबाजारी रोकने के नाम पर प्रशासन द्वारा तय की गई खाद की लिमिट को उन्होंने “अव्यवहारिक” बताया।
लेखराम साहू ने कहा कि सामान्य तौर पर किसान प्रति एकड़ 2 से 2.5 बोरी डीएपी-यूरिया का उपयोग करते हैं, लेकिन इस बार केवल एक बोरी ही दी जा रही है, जिससे उत्पादन प्रभावित होना तय है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसका सीधा असर धान की फसल पर पड़ेगा और पहले से घाटे में चल रहे किसान और मुश्किल में आ जाएंगे।
उन्होंने एक गंभीर समस्या की ओर भी ध्यान दिलाया कि जिन किसानों के पिता का निधन हो चुका है और जिनका नामांतरण (फौत) नहीं हुआ है, वे अपने पिता के आधार कार्ड के आधार पर खाद नहीं ले पा रहे हैं, जबकि वही वर्षों से खेती संभाल रहे हैं। ऐसे किसान रोजाना खाद के लिए भटकने को मजबूर हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि “डबल इंजन” सरकार को किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान करना चाहिए। पर्याप्त खाद भंडारण सुनिश्चित कर किसानों को राहत दी जानी चाहिए, लेकिन वर्तमान हालात में किसान खुद को ठगा और निराश महसूस कर रहे हैं।
अंत में उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही खाद संकट और किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो कांग्रेस पार्टी हर सोसायटी स्तर पर धरना-प्रदर्शन करेगी और जरूरत पड़ी तो उग्र आंदोलन से भी पीछे नहीं हटेगी।

