रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने प्रशासनिक कामकाज में गति लाने और महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक बड़ा और कड़ा निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियों पर आगामी 3 महीनों के लिए रोक लगा दी है। यह फैसला राज्य में आयोजित होने वाले ‘सुशासन तिहार’ और आगामी ‘जनगणना’ के कार्यों को सुचारू रूप से निपटाने के मद्देनजर लिया गया है।
क्यों लिया गया यह निर्णय?
राज्य शासन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि आने वाले महीनों में प्रशासन के समक्ष कई बड़े और संवेदनशील कार्य नियोजित हैं। सरकार चाहती है कि इन कार्यों के संपादन में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक ढिलाई न हो। मुख्य रूप से दो बड़े कार्यों को प्राथमिकता दी गई है:
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सुशासन तिहार: राज्य में सुशासन को बढ़ावा देने और सरकारी योजनाओं को धरातल पर लाने के लिए ‘सुशासन तिहार’ का आयोजन किया जाना है, जिसके लिए प्रशासनिक अमले की पूरी तरह से उपस्थिति अनिवार्य है।
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जनगणना: केंद्र और राज्य स्तर पर महत्वपूर्ण ‘जनगणना’ का कार्य शुरू होने वाला है। यह एक विशाल प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसमें बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों की भूमिका और उपस्थिति आवश्यक होती है।
क्या कहते हैं आदेश?
राज्य शासन द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि राज्य में सुशासन तिहार एवं जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य आगामी समय में नियोजित हैं। इन कार्यों को समयबद्ध तरीके से और सुचारू रूप से संपादित करने के लिए राज्य सरकार ने राज्य के समस्त विभागों और कर्मचारियों के लिए अगले 3 महीनों तक अवकाश न लेने के निर्देश जारी किए हैं।
इस दौरान केवल अत्यधिक अपरिहार्य परिस्थितियों में ही संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों की अनुमति से अवकाश पर विचार किया जा सकता है, अन्यथा सामान्य परिस्थितियों में छुट्टियों पर पूरी तरह रोक रहेगी।

