यशवंत गंजीर धमतरी। छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर निर्मित बहुप्रतीक्षित हिंदी फीचर फिल्म ‘भक्त मां कर्मा’ आगामी 15 मई को छत्तीसगढ़ सहित महाराष्ट्र (नागपुर) और उड़ीसा (खरियाररोड) के सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने जा रही है। साहू समाज की आराध्य देवी और संत शिरोमणि मां कर्मा के प्रेरणादायक जीवन पर आधारित यह फिल्म दर्शकों के बीच भारी उत्सुकता जगा रही है।
सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अभियान:
‘छत्तीसगढ़ फिल्म वेलफेयर एसोसिएशन सोसायटी’ के अध्यक्ष और फिल्म के निर्माता अजय खांडेकर ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, नारी सम्मान और सत्कर्म का संदेश देने वाला एक सामाजिक अभियान है। फिल्म के संरक्षक और स्टार प्रचारक अजय शर्मा ने कहा कि यह फिल्म समाज में सकारात्मक ऊर्जा और महिला सम्मान की भावना को सशक्त करेगी।
फिल्म के प्रमुख पहलू:
कलाकार और निर्माण: अभिनेत्री अनिकृति चौहान ने मां कर्मा के मुख्य किरदार को जीवंत किया है, वहीं अभिनेता गुलशन साहू ने उनके पति की भूमिका निभाकर कहानी को भावनात्मक गहराई प्रदान की है। फिल्म का निर्देशन शशिकांत कौशिक ने किया है और पटकथा राजेश साहू द्वारा लिखी गई है।
असंभव को संभव करने की गाथा:
ट्रेलर और प्रेस वार्ता के अनुसार, फिल्म में मां कर्मा के अदम्य साहस और जीवन संघर्ष को दिखाया गया है, जिसमें सूखे तालाब को तेल से भरने जैसे असंभव कार्य और तत्कालीन समय के शोषण के खिलाफ उनके खड़े होने का चित्रण है।
भक्ति और परंपरा: भगवान जगन्नाथ पुरी में ‘खिचड़ी के भोग’ की परंपरा की शुरुआत से लेकर माता की अटूट भक्ति और नारी सशक्तिकरण का संदेश इस फिल्म के केंद्र में है। डी.पी. विश्वकर्मा का संगीत फिल्म की भावनात्मकता को नई ऊंचाई देता है।
ट्रेलर की मुख्य विशेषताएं:
फिल्म का ट्रेलर रूढ़िवादी सामाजिक व्यवस्था और शास्त्रों के नाम पर होने वाले भेदभाव के विरुद्ध मां कर्मा के संघर्ष को प्रभावशाली ढंग से दर्शाता है। इसमें नायक और पंडितों के बीच तीखी बहस के माध्यम से तत्कालीन समाज की चुनौतियों को प्रस्तुत किया गया है।
एक हजार वर्ष पूर्व की प्रेरणा:
लगभग एक हजार वर्ष पूर्व के प्रेरणादायक जीवन चरित्र पर आधारित यह फिल्म त्याग, सेवा और समरसता की मिसाल पेश करती है। फिल्म की टीम ने समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि वे परिवार सहित सिनेमाघरों में पहुंचकर भारतीय संस्कृति को सशक्त बनाने वाली इस मुहीम का हिस्सा बनें।

