बलरामपुर -जिले के शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। बसंतपुर शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य अनन्त कुमार यादव के खिलाफ एक महिला सहकर्मी ने शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डालने, मानसिक प्रताड़ना देने और लगातार उत्पीड़न करने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए बसंतपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता का कहना है कि उसने पुलिस के पास जाने से पहले जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) से भी शिकायत की थी, लेकिन उसकी शिकायत पर समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
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पहले विभाग से लगाई गुहार, नहीं मिली राहत..
महिला कर्मचारी का आरोप है कि उसने पूरे घटनाक्रम की जानकारी शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दी थी। उसका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराने के बजाय उसे समझौता करने के लिए दबाव बनाया गया। पीड़िता का दावा है कि यदि विभाग शिकायत को गंभीरता से लेकर तत्काल जांच करता और दोषियों पर कार्रवाई करता, तो मामला थाने तक नहीं पहुंचता।
शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव और मानसिक प्रताड़ना का आरोप ..
लिखित शिकायत में महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि प्राचार्य द्वारा लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव बनाया गया। आरोपों से परेशान होकर आखिरकार उसने पुलिस की शरण ली और बसंतपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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CM हेल्पलाइन में भी पहुंची शिकायत…
इस पूरे मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में भी की गई थी। शिकायत के बाद वाड्रफनगर के बीईओ श्याम किशोर जायसवाल ने दोनों पक्षों की बैठक कराकर समझौता कराने का प्रयास किया। यहीं से कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जब शिकायत एक महिला कर्मचारी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों से जुड़ी थी, तब विभागीय स्तर पर समझौते की पहल क्यों की गई? क्या इस तरह के संवेदनशील मामलों में निष्पक्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया को प्राथमिकता नहीं मिलनी चाहिए थी? इन सवालों को लेकर अब शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर चर्चा तेज हो गई है।

समझौते पर उठ रहे गंभीर सवाल..
इस घटनाक्रम के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि किसी महिला कर्मचारी ने यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए थे, तो संबंधित अधिकारियों ने मामले की जांच कराने के बजाय समझौते का रास्ता क्यों चुना? क्या शिकायत को दबाने की कोशिश की गई? क्या विभागीय स्तर पर पीड़िता को न्याय दिलाने के बजाय मामला शांत कराने की कोशिश हुई? इन सवालों का जवाब अब शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को देना होगा।
कलेक्टर और एसपी ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा…
मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने पीड़िता को निष्पक्ष जांच और न्याय का भरोसा दिया है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के प्रत्येक बिंदु की जांच की जाएगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी विवादों में रह चुके हैं प्राचार्य…
गौरतलब है कि बसंतपुर हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य अनन्त कुमार यादव का नाम इससे पहले भी विभिन्न विवादों से जुड़ चुका है। हाल ही में विद्यालय परिसर में सहकर्मियों के साथ मारपीट के मामले में उनके खिलाफ पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। हालांकि उस मामले की जांच भी अभी जारी है।


