बलरामपुर। जिले के वाड्रफनगर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत महेवा में कथित भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि पंचायत में चबूतरा और शेड निर्माण के नाम पर लगभग 2 लाख 50 हजार रुपये की राशि निकाल ली गई, जबकि मौके पर कोई निर्माण कार्य दिखाई नहीं दे रहा है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद अब पूरे मामले की जांच शुरू हो गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि तत्कालीन सरपंच और सचिव ने मिलीभगत कर बिना काम कराए ही सरकारी राशि का आहरण कर लिया। मामले में कांग्रेस के प्रदेश सचिव रामदेव जगते का नाम भी सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि जिस समय यह राशि निकाली गई, उस दौरान उनकी पत्नी ग्राम पंचायत की सरपंच थीं।Balrampur Corruption News

“काम नहीं, सिर्फ कागजों में निर्माण” ..

“काम नहीं, सिर्फ कागजों में निर्माण” ..
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत रिकॉर्ड में चबूतरा और शेड निर्माण कार्य अधूरा बताया गया है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर निर्माण दिखाया गया है, वहां न तो शेड मौजूद है और न ही चबूतरा। गांव के लोगों का आरोप है कि पंचायत की राशि को फर्जी दस्तावेजों और कागजी प्रक्रिया के जरिए निकाल लिया गया। अब जब मामला सार्वजनिक हुआ है तो ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

सरपंच पति पर गंभीर आरोप ..

सरपंच पति पर गंभीर आरोप ..
मामले में कांग्रेस के प्रदेश सचिव रामदेव जगते पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में उनकी पकड़ मजबूत थी और इसी प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए निर्माण कार्य के नाम पर राशि निकाली गई। आरोप यह भी है कि पंचायत में उस समय उनकी पत्नी सरपंच थीं, जिसका फायदा उठाकर सरकारी फंड का दुरुपयोग किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि सत्ता और पद के प्रभाव में पूरे मामले को दबाने की कोशिश भी हुई।

अधिकारियों की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल ..
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले में जनपद पंचायत के तत्कालीन अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि बिना भौतिक सत्यापन के भुगतान कैसे हो गया, यह अपने आप में बड़ा सवाल है। लोगों का आरोप है कि उस समय प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और इसी दौरान पंचायत स्तर पर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा खेल संभव नहीं था।
शिकायत के बाद जांच शुरू …
ग्रामीणों द्वारा लगातार शिकायत किए जाने के बाद अब मामले की जांच शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि संबंधित विभाग के अधिकारी दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं और निर्माण स्थल का भी निरीक्षण किया जा सकता है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
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ग्रामीणों में भारी नाराजगी .
महेवा ग्राम पंचायत में सामने आए इस कथित घोटाले को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि गांव के विकास के लिए आने वाली राशि का इस तरह दुरुपयोग होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। ग्रामीण अब दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच हुई तो कई और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं।Balrampur Corruption News

