बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर स्थित सिविल अस्पताल में सोमवार को एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार महिला पिछले कुछ दिनों से बुखार से पीड़ित थी। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन उसे इलाज के लिए वाड्रफनगर सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे थे। अस्पताल में प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने महिला को इंजेक्शन लगाया, लेकिन इंजेक्शन लगने के कुछ ही मिनट बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ने लगी।

बुखार के इलाज के लिए अस्पताल पहुंची थी महिला
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के मुताबिक इंजेक्शन लगने के तुरंत बाद महिला ने पूरे शरीर में तेज खुजली और बेचैनी की शिकायत की। देखते ही देखते उसकी हालत गंभीर हो गई और करीब 10 मिनट के भीतर उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

मौत के बाद परिजनों का फूटा गुस्सा

मौत के बाद परिजनों का फूटा गुस्सा
महिला की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि महिला की हालत सामान्य थी और केवल बुखार की शिकायत थी, लेकिन इंजेक्शन लगने के बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई।
परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ ने समय रहते उचित इलाज नहीं किया। उनका कहना है कि अगर तुरंत सही उपचार मिलता तो महिला की जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद अस्पताल में काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही और परिजन न्याय की मांग करते रहे।

अस्पताल परिसर में मचा हड़कंप

अस्पताल परिसर में मचा हड़कंप
घटना की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जुटने लगी। मरीजों और उनके परिजनों में भी दहशत का माहौल देखा गया। कई लोगों ने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में लापरवाही की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन इस तरह इलाज के दौरान मौत हो जाना बेहद गंभीर मामला है।
अस्पताल प्रशासन की ओर से फिलहाल मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि सूत्रों के अनुसार डॉक्टरों का कहना है कि महिला को संभवतः इंजेक्शन से एलर्जी रिएक्शन हुआ होगा, जिसके कारण उसकी हालत अचानक बिगड़ी। वास्तविक कारणों का पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चल सकेगा।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने अस्पताल स्टाफ, ड्यूटी डॉक्टर और मृतका के परिजनों से पूछताछ की है। वहीं महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्था और इलाज की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि मरीजों को दवा या इंजेक्शन देने से पहले आवश्यक जांच और सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। खासतौर पर किसी भी इंजेक्शन के रिएक्शन को लेकर डॉक्टरों को सतर्क रहना चाहिए।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और परिजन महिला की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हुई है।

