कुरूद। भीषण गर्मी और शादी-ब्याह के पीक सीजन के बीच रविवार को कुरूद समेत भखारा और छाती क्षेत्र में शराब की किल्लत ने ‘शौकीनों’ को बेहाल कर दिया। चर्रा रोड स्थित देशी मदिरा दुकान में स्टॉक पूरी तरह खत्म हो गया, जिसके चलते सुबह से ही शटर आधा गिरा रहा और बिक्री ठप हो गई।
सुबह-सुबह उम्मीद लेकर पहुंचे लोगों को जब खाली दुकान मिली, तो पहले हैरानी और फिर गुस्सा देखने को मिला। धूप में खड़े-खड़े इंतजार करते लोगों और सेल्समैन के बीच दिनभर नोकझोंक का माहौल बना रहा। “माल कब आएगा?”—यह सवाल हर किसी की जुबान पर था, लेकिन जवाब किसी के पास नहीं।
कुरूद बंद तो भखारा-छाती पर टूटा दबाव:
कुरूद में शराब न मिलने की खबर आग की तरह फैली और देखते ही देखते लोग भखारा, मगरलोड और छाती की दुकानों की ओर दौड़ पड़े। हालात यह रहे कि दुकानों के बाहर लंबी कतारें लग गईं, जैसे कोई बड़ी सेल लगी हो। तेज धूप के बावजूद लोग घंटों खड़े रहे, लेकिन दोपहर ढलते-ढलते वहां भी “स्टॉक खत्म” की खबर ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

कोचियों की चांदी, जेब पर पड़ी भारी मार:
सरकारी दुकानें बंद होते ही अवैध शराब बेचने वाले कोचियों की ‘लॉटरी’ खुल गई। मौका भांपते ही उन्होंने दाम दोगुने-तिगुने कर दिए। मजबूरी में कई लोगों ने ऊंची कीमत देकर शराब खरीदी, जबकि कुछ लोग मायूस होकर घर लौट गए।
शादी सीजन ने बिगाड़ा पूरा गणित:
जानकारों के मुताबिक, इन दिनों शादियों की भरमार के चलते शराब की मांग में 50 से 60 प्रतिशत तक उछाल आया है। इसके बावजूद वेयरहाउस से समय पर सप्लाई नहीं पहुंच पाई, जिससे यह हालात बने। प्लास्टिक बोतल पैकिंग की नई व्यवस्था को भी शॉर्टेज की एक वजह माना जा रहा है।
अंग्रेजी दुकान पर भी मची अफरा-तफरी
देशी शराब न मिलने पर लोगों ने अंग्रेजी शराब दुकानों का रुख किया, जहां अचानक भीड़ बढ़ने से अफरा-तफरी मच गई। कई जगह पौव्वा-अद्धी बंद कर केवल बोतल देने की नौबत आ गई, जिससे ग्राहकों के बीच बहस होती रही।
आबकारी विभाग पर उठे सवाल
लोगों ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब मांग पहले से पता थी, तो स्टॉक का इंतजाम क्यों नहीं किया गया।
> अधिकारी का कहना:
“सप्लाई में देरी के कारण शॉर्टेज हुई है। सोमवार से स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।”
— पुरुषोत्तम सिन्हा, आबकारी निरीक्षक
एक नजर में-
कुरूद में शटर आधा डाउन, बिक्री ठप
भखारा-छाती में दोगुनी भीड़, फिर भी खाली हाथ लोग
कोचियों ने वसूले दोगुने-तिगुने दाम
कुल मिलाकर, रविवार का दिन कुरूद-भखारा-छाती के ‘शौकीनों’ के लिए निराशा, गुस्से और भटकाव का दिन बनकर रह गया। अब सबकी नजर सोमवार की सप्लाई पर टिकी है।

