धमतरी । आस्था और परंपरा के अद्भुत संगम निरई माता दरबार में इस बार एक प्रेरक तस्वीर सामने आई। साल में केवल एक बार खुलने वाले इस पावन स्थल पर हजारों श्रद्धालुओं के बीच धमतरी कलेक्टर अविनाश मिश्रा और कुरुद एसडीएम नभसिंह कोशले भी आम भक्तों की तरह कतार में खड़े नजर आए। उनकी इस सादगी और अनुशासन ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
जब अधिकारी बने आम श्रद्धालु
कड़ी धूप और लंबी कतार के बीच जहां श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, वहीं कलेक्टर अविनाश मिश्रा और एसडीएम नभसिंह कोशले ने भी बिना किसी विशेष सुविधा के कतार में लगकर दर्शन किए। न कोई वीआईपी व्यवस्था, न कोई विशेष प्रोटोकॉल—सिर्फ श्रद्धा और व्यवस्था के प्रति सम्मान।
सकारात्मक संदेश का उदाहरण
अधिकारियों का यह व्यवहार प्रशासन और जनता के बीच सहज संबंध का उदाहरण बनकर सामने आया। इस पहल ने यह संदेश दिया कि नियमों और व्यवस्थाओं का पालन हर किसी के लिए समान है।
निरई माता: परंपराओं की अनूठी पहचान
धमतरी के वनांचल में स्थित यह मंदिर अपनी विशिष्ट परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। साल में केवल एक दिन खुलने वाले इस दरबार में केवल पुरुषों को ही प्रवेश की अनुमति है। यहां पूजा में सादगी का विशेष महत्व है, जहां श्रद्धालु नारियल और अगरबत्ती अर्पित कर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
व्यवस्था सुदृढ़, आस्था अपार
भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए थे। अधिकारियों की मौजूदगी से व्यवस्थाओं की सतत निगरानी भी सुनिश्चित हुई, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन का लाभ मिला।



