धमतरी। ग्राम पंचायत बकली के आश्रित ग्राम रावनगुडा में बेदखली के नोटिस से परेशान एक परिवार ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लंबे समय से झोपड़ी बनाकर रह रहे राजेंद्र मिरे और उनकी पत्नी ईश्वरीय मिरे ने प्रशासनिक कार्रवाई को एकपक्षीय बताते हुए आगामी 23 मार्च से तहसील कार्यालय कुरुद के समक्ष आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है।
प्रभावशाली लोगों पर कार्रवाई न होने का आरोप:
पीड़ित राजेंद्र मिरे का आरोप है कि गांव में कई प्रभावशाली व्यक्तियों ने शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर खेती का कार्य कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन उनके विरुद्ध कोई कदम नहीं उठा रहा है। इसके विपरीत, एक गरीब परिवार की छोटी सी झोपड़ी को निशाना बनाकर बार-बार बेदखली का नोटिस थमाया जा रहा है। पीड़ित परिवार के अनुसार, यह कार्रवाई न केवल भेदभावपूर्ण है बल्कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की एक साजिश है।
न्याय न मिलने पर अंतिम विकल्प:
मिरे परिवार ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर जिला प्रशासन से कई बार गुहार लगाई और निष्पक्ष जांच की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। प्रशासन के उदासीन रवैये से क्षुब्ध होकर परिवार ने अब लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया है।
ग्रामीणों का मिल रहा समर्थन:
इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पीड़ित परिवार के इस साहसिक निर्णय को ग्रामीणों का भी व्यापक समर्थन मिल रहा है। अब स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या 23 मार्च से पूर्व इस संवेदनशील मुद्दे का कोई शांतिपूर्ण समाधान निकाला जाएगा या स्थिति और गंभीर होगी।

