बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के जगतरा गांव में कुएं में गिरे तेंदुए के रेस्क्यू के दौरान शुक्रवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब तेंदुआ बाहर निकलते ही अचानक गांव की ओर भाग निकला। तेंदुए को सामने देख ग्रामीणों में चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर दौड़ पड़े। कुछ ग्रामीण डर के कारण पास के तालाब में भी कूद गए।
जानकारी के मुताबिक वन विभाग की टीम कई घंटों से कुएं में फंसे तेंदुए को बाहर निकालने में जुटी थी। रेस्क्यू के लिए जेसीबी मशीन और खाट का सहारा लिया गया। जैसे ही तेंदुए को खाट के जरिए ऊपर लाया गया, उसने अचानक छलांग लगा दी और तेजी से गांव की तरफ भाग निकला। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ग्रामीणों को भागते हुए देखा जा सकता है।
घटना के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि तेंदुए को ट्रेंकुलाइज किए बिना बाहर निकालना भारी लापरवाही साबित हुआ। लोगों का कहना है कि यदि पहले उसे बेहोश किया जाता, तो गांव में इस तरह दहशत का माहौल नहीं बनता। तेंदुए के अचानक आबादी वाले इलाके में घुसने से महिलाएं और बच्चे खासे सहमे हुए हैं।
तेंदुए के भागने के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम उसके पीछे गांव और आसपास के खेतों की ओर दौड़ी। फिलहाल वन अमला आसपास के जंगलों में तेंदुए की तलाश कर रहा है। एहतियात के तौर पर ग्रामीणों को घरों से बाहर न निकलने और अकेले खेतों की ओर नहीं जाने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि भीषण गर्मी और जंगलों में पानी की कमी के कारण वन्यजीव लगातार गांवों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।

