Commonwealth Games 2026 राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। महिला 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में ज्ञानेश्वरी ने सिल्वर मेडल जीतकर भारत की झोली में एक और पदक डाल दिया। उन्होंने कुल 199 किलोग्राम वजन (88 किलोग्राम स्नैच और 111 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क) उठाकर यह उपलब्धि हासिल की। यह कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का पांचवां पदक और वेटलिफ्टिंग में चौथा पदक है। उनकी इस सफलता के पीछे वर्षों का संघर्ष, कठिन मेहनत और परिवार का त्याग छिपा है।
संघर्षों के बीच गढ़ी सफलता की कहानी
ज्ञानेश्वरी यादव का सफर किसी प्रेरणादायक कहानी से कम नहीं है। सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को कभी टूटने नहीं दिया। उनके पिता मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और उनकी मासिक आय लगभग 3 से 5 हजार रुपये बताई जाती है। आर्थिक तंगी के बावजूद परिवार ने ज्ञानेश्वरी के खेल के प्रति जुनून को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया।
घर की परिस्थितियां कठिन थीं, लेकिन ज्ञानेश्वरी ने हर चुनौती को अपनी ताकत बना लिया और लगातार मेहनत करती रहीं।
साइकिल से पहुंचती थीं अभ्यास करने
ज्ञानेश्वरी के संघर्ष का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुरुआती दिनों में वे रोजाना साइकिल से प्रशिक्षण केंद्र पहुंचती थीं। कई किलोमीटर का सफर तय कर अभ्यास करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था।
सुविधाओं की कमी के बावजूद उन्होंने अभ्यास में कोई कमी नहीं आने दी। उनकी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा दिया।
परिवार पर कठिन समय, फिर भी नहीं टूटा हौसला
जहां एक ओर ज्ञानेश्वरी देश के लिए पदक जीतने की तैयारी कर रही थीं, वहीं दूसरी ओर उनका परिवार मुश्किल दौर से गुजर रहा था। उनका भाई अस्पताल में भर्ती है, जिससे परिवार पर आर्थिक और मानसिक दबाव बना हुआ है।
इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद ज्ञानेश्वरी ने अपने लक्ष्य पर पूरा ध्यान केंद्रित रखा और देश के लिए पदक जीतकर अपने परिवार को गर्व का मौका दिया।
भारत को दिलाया पांचवां पदक
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की महिला 53 किलोग्राम स्पर्धा में ज्ञानेश्वरी ने 88 किलोग्राम स्नैच और 111 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क मिलाकर कुल 199 किलोग्राम वजन उठाया। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
उनकी इस उपलब्धि से भारत को प्रतियोगिता का पांचवां पदक मिला, जबकि वेटलिफ्टिंग में यह चौथा पदक रहा। पूरे देश में उनकी सफलता की सराहना की जा रही है।

