अमेठी में एटीएम लूट की साजिश रचने वाले तीन युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने जल्द अमीर बनने की लालसा में यूट्यूब पर वीडियो देखकर वारदात को अंजाम देने का प्लान बनाया था। गिरफ्तार आरोपियों में नसीराबाद के कुढ़ा गांव निवासी सोनू गुप्ता व कपिल गुप्ता, गौरीगंज बनी रेलवे स्टेशन के पास रहने वाले करन पासवान शामिल हैं। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने लोहे की पाइप, हथौड़ी, दो बाइक और स्टॉल बरामद किया है,
मंगलवार रात बांदा-टांडा हाईवे पर गौरीगंज के बाबूगंज में बैंक ऑफ बड़ौदा परिसर में लगे एटीएम को क्षतिग्रस्त कर नकदी निकालने की कोशिश की गई थी। मामले में बीओबी के शाखा प्रबंधक जितेंद्र ने बुधवार को प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज से पहचान के बाद बुधवार रात हाईवे पर गुवावां मोड़ के पास दो बाइकों पर सवार तीन युवकों को घेरकर पकड़ लिया गया।
एसपी सरवण टी ने बताया कि तीनों आरोपियों ने मंगलवार रात स्टॉल से चेहरा ढककर एटीएम मशीन को तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन उसी दौरान हाईवे से पुलिस वाहन गुजरने के चलते उनकी साजिश असफल हो गई। मशीन नहीं खुलने पर आरोपियों ने एटीएम का कीबोर्ड और बूथ में लगे सीसीटीवी कैमरे को क्षतिग्रस्त कर दिया था। घटना में प्रयुक्त औजार रेलवे लाइन के पास झाड़ियों से बरामद किए गए। तीनों को जेल भेज दिया गया। खुलासा करने वाली टीम को 15 हजार रुपये का इनाम दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, कपिल और करन साथ पढ़े थे। मंगलवार को कपिल और सोनू, करन से मिलने उसके घर पहुंचे थे। पैदल टहलते समय तीनों की नजर सुनसान स्थान पर लगे बैंक के एटीएम पर पड़ी, जो करन से घर से करीब एक किलोमीटर दूर है। सोनू ने दोनों को बताया कि जल्द अमीर बनने के लिए जोखिम उठाना होगा। उसने रात में एटीएम काटकर नकदी निकालने की बात कही।
एटीएम लूट का एक वीडियो भी तीनों ने साथ में देखा। दिन में पैदल रेकी की और रात में वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। नसीराबाद से सोनू और कपिल खेतों के रास्ते सात किलोमीटर पैदल चलकर बाबूगंज में रेल ट्रैक के पास पहुंचे, जहां करन मिला। फिर तीनों एक साथ एटीएम बूथ पहुंचे।
पुलिस के अनुसार, वारदात से पहले सोनू, कपिल और करन ने अपने मोबाइल घर पर ही छोड़ दिए थे। उन्हें आशंका थी कि मोबाइल लोकेशन से पकड़े जा सकते हैं। हालांकि बैंक परिसर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में उनकी फोटो कैद हो गई। एटीएम के अंदर लगे कैमरों में भले चेहरा स्पष्ट नहीं दिखा, लेकिन उनकी चप्पल और हुलिया रिकॉर्ड हो गया। इन्हीं फुटेज के जरिये पुलिस तीनों तक पहुंच सकी।
अलग-अलग प्रांत में रहकर करते थे काम
सोनू दिल्ली में रहकर ई-रिक्शा चलाता था। वह 21 मार्च को घर आया था। कपिल तमिलनाडु में रेस्टोरेंट पर चाउमीन बनाने का काम करता था और 17 मार्च को घर लौटा था। करन पासवान घर पर रहकर मजदूरी करता था। तीनों की उम्र 18 से 20 वर्ष के बीच है।

