By-यशवंत गंजीर कुरूद।
राजनीति में एसी कमरों में बैठकर कमियां निकालना और सोशल मीडिया पर ज्ञान बघारना बहुत आसान है, लेकिन धरातल पर बजट खींचकर लाना और विकास की गंगा बहाना हर किसी के बस की बात नहीं। कुरुद विधानसभा में हाल ही में स्वीकृत ₹21.64 करोड़ के विकास कार्यों ने उन ‘स्वघोषित बुद्धिजीवियों’ के चेहरे से नकाब उतार दिया है, जो केवल आलोचना की राजनीति में माहिर थे।
क्षेत्र के विधायक और पूर्व मंत्री श्री अजय चंद्राकर के प्रयासों से मिली यह भारी-भरकम राशि केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए करारा जवाब भी है, जो विकास को केवल कागजों तक सीमित बताते है और झूठ की राजनीति करते है ।
₹18.24 करोड़ की ‘रोड स्ट्राइक’: अब धूल नहीं, विकास उड़ेगा!*
मेघा रोड तिराहा से स्टेशन रोड होते हुए चरमुडिया NH-30 तक (3.75 किमी) के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए 18.24 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है।
विरोधियों को मिर्ची: सालों से जिस सड़क की बदहाली पर ‘बौद्धिक जुगाली’ करने वाले नेता राजनीति रोटियां सेंक रहे थे, अब वहां डामर और कंक्रीट का मजबूत जाल बिछेगा।
किसे होगा लाभ: यह सड़क किसानों की खुशहाली, छात्रों की सुरक्षा और व्यापारियों की रफ़्तार का नया ‘हाइवे’ बनेगी। अब बहस खत्म और समाधान शुरू हो चुका है।
2. ग्राम गौरवपथ: तीन गांवों की तस्वीर बदलने को ₹3.40 करोड़ तैयार
मुख्यमंत्री ग्राम गौरवपथ योजना के तहत भेण्ड्री, करेलीबड़ी और परखंदा के लिए ₹3.40 करोड़ की स्वीकृति ने ग्रामीण राजनीति के सूरमाओं को बेचैन कर दिया है।
स्वच्छता का नया अध्याय: अब इन गांवों में न कीचड़ की समस्या रहेगी और न जलभराव का संकट। सीसी रोड और आधुनिक नाली निर्माण से ग्रामीणों का जीवन स्तर सीधे तौर पर सुधरेगा।
अधोसंरचना पर प्रहार: यह वही जमीनी सुधार है जिसे अक्सर विपक्षी नजरअंदाज करते थे, लेकिन अब यह हकीकत बनकर उनके सामने खड़ा है।
विपक्ष की बेचैनी और जनता का विश्वास:
विकास के इन आंकड़ों ने कुरुद की राजनीति में हलचल मचा दी है। जहां एक ओर ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों में भारी उत्साह है और वे विधायक जी का आभार जता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आलोचना की राजनीति करने वालों के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है।
> सीधी बात: राजनीति तो बहुत लोग करते हैं, लेकिन शासन की तिजोरी से जनता के हक का पैसा खींचकर लाना और विकास को सींचना एक कला है, जिसमें विधायक अजय चंद्राकर ने फिर से अपनी महारत साबित कर दी है।
अब क्या कहेंगे ‘ज्ञानी’?:
कुरूद अब केवल खोखले वादों का अखाड़ा नहीं, बल्कि ठोस परिणामों का क्षेत्र बन चुका है। जो लोग केवल कमियां ढूंढकर अपनी ‘विद्वत्ता’ झाड़ते थे, उनके लिए यह विकास पैकेज नमक नहीं, बल्कि सीधी ‘मिर्ची’ साबित हो रहा है। जनता देख रही है कि कौन केवल बोलता है और कौन करके दिखाता है।
