अमेठी जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और उनमें हो रही मौतों पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने ‘क्रिटिकल कॉरिडोर प्लान’ लागू कर दिया है। डीजीपी के निर्देश पर शुरू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य हादसों को नियंत्रित करना और गोल्डन आवर में घायलों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
योजना के पहले चरण में जिले के चार थाना क्षेत्रों—मोहनगंज, जगदीशपुर, गौरीगंज और अमेठी कोतवाली—के प्रमुख मार्गों और राष्ट्रीय राजमार्गों को चिन्हित किया गया है। प्रत्येक 20 किलोमीटर के दायरे में एक विशेष टीम तैनात की गई है, जिसमें एक उपनिरीक्षक, एक हेड कांस्टेबल और तीन कांस्टेबल शामिल हैं। ये टीमें अपने-अपने क्षेत्र में लगातार निगरानी रखेंगी और सड़क सुरक्षा से जुड़े जरूरी कदम उठाएंगी।
इस प्लान के तहत बैरिकेडिंग, अतिक्रमण हटाने, सड़क संकेतक लगाने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही किसी भी दुर्घटना की सूचना मिलते ही घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि समय पर इलाज मिल सके और अधिक से अधिक जानें बचाई जा सकें।
यातायात विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले तीन महीनों में जिले में कुल 72 सड़क हादसे हुए हैं। इनमें 46 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 47 लोग घायल हुए हैं। जनवरी में 37 हादसे, फरवरी में 19 और मार्च में अब तक 16 दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं।
एसपी अमेठी सरवणन टी ने बताया कि फिलहाल चार थाना क्षेत्रों में योजना लागू की गई है और आगे इसे पूरे जिले में विस्तार दिया जाएगा।
अमेठी में सड़क हादसों पर लगाम के लिए ‘क्रिटिकल कॉरिडोर प्लान’ लागू, गोल्डन आवर में इलाज पर फोकस
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