By-Kuleshwar Kuswaha
बलरामपुर– जिले के उपार्जन केंद्र बगरा में धान की नमी को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच खरीदी ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए बलरामपुर कलेक्टर को लिखित में स्पष्टीकरण सौंपा है। इसके साथ ही उन्होंने 23 फरवरी को हुई भारी बारिश और तूफान के फोटो व वीडियो भी साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए हैं।
खरीदी प्रभारी ने शपथपूर्वक बयान जारी करते हुए कहा है कि उनके द्वारा उपार्जित धान में किसी भी प्रकार से पानी नहीं डाला गया है और लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं।

“धान में पानी डालने के आरोप गलत” …

“धान में पानी डालने के आरोप गलत” …
अपने स्पष्टीकरण में उन्होंने साफ कहा कि धान को जानबूझकर भिगोने का आरोप गलत है। वायरल वीडियो में जो बोरे भीगे हुए दिखाई दे रहे हैं, वह किसी मानवीय हस्तक्षेप का परिणाम नहीं बल्कि प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण हुआ है।

भारी बारिश और तूफान बना मुख्य कारण …
खरीदी प्रभारी के अनुसार 23 फरवरी 2026 को क्षेत्र में अचानक भारी बारिश और तेज तूफान आया था। इस दौरान स्टैक पर डाली गई तिरपाल अव्यवस्थित हो गई, जिससे बारिश का पानी नीचे तक पहुंच गया। इसी कारण कुछ बोरे नमी की चपेट में आ गए।
उन्होंने यह भी बताया कि उस दिन की स्थिति को दर्शाने वाला वीडियो उन्होंने मौके पर ही बनाया था, जिसे अब प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
निचली सतह के धान में अधिक असर ….
स्पष्टीकरण में यह भी बताया गया है कि जिस स्टैक में नमी देखी जा रही है, वह निचली सतह का धान है। लगातार उठाव होने के बावजूद नीचे पानी जमा होने से कुछ धान अंकुरित हो गया। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि पूरे स्टैक के खराब होने की बात गलत और भ्रामक है।

“अगर पानी डाला जाता तो सभी स्टैक प्रभावित होते”…

“अगर पानी डाला जाता तो सभी स्टैक प्रभावित होते”…
खरीदी प्रभारी ने तर्क देते हुए कहा कि यदि जानबूझकर धान में पानी डाला जाता, तो सभी स्टैक में समान स्थिति होती। जबकि वास्तविकता यह है कि केवल एक ही स्टैक के निचले हिस्से में नमी पाई गई है, जो पूरी तरह प्राकृतिक कारणों से हुई है।
वीडियो और फोटो किए गए प्रस्तुत….
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उन्होंने अपने पक्ष को मजबूत करते हुए कहा कि बारिश और तूफान के दौरान के फोटो और वीडियो प्रशासन को सौंपे गए हैं। इन साक्ष्यों में स्पष्ट रूप से मौसम की तीव्रता और परिस्थितियां देखी जा सकती हैं, जिससे घटना की वास्तविकता सामने आती है।
पूरे उठाव की जिम्मेदारी लेने का दावा ….
खरीदी प्रभारी ने अपने दायित्वों का हवाला देते हुए कहा कि वह पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहे हैं और उपार्जित धान का शत-प्रतिशत उठाव सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र में किसी प्रकार की शॉर्टेज नहीं होगी और शासन को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी प्रकार की क्षति सामने आती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी वह स्वयं लेने के लिए तैयार हैं।
प्रशासनिक जांच जारी, नजरें रिपोर्ट पर….
वायरल वीडियो के बाद प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है और मामले की जांच जारी है। अधिकारियों द्वारा साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तविक स्थिति क्या है और जिम्मेदारी किसकी बनती है।
