CG New Rule : रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने बिजली बिल भुगतान व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए 1 अगस्त 2026 से सभी सरकारी विभागों के लिए प्रीपेड बिजली बिल व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। नए नियम के तहत विभागों को बिजली की खपत से पहले निर्धारित राशि जमा करनी होगी। ऊर्जा विभाग ने इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों, कलेक्टरों और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।
क्या है नया नियम?
अब तक अधिकांश सरकारी कार्यालयों में बिजली बिल खपत के बाद जारी होता था और उसका भुगतान बाद में किया जाता था। नई व्यवस्था में विभागों को पहले अपने खाते में राशि जमा करनी होगी, जिसके आधार पर बिजली उपयोग की अनुमति मिलेगी। इसे प्रीपेड बिजली आपूर्ति प्रणाली कहा जा रहा है।
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ऊर्जा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इससे बकाया बिलों की समस्या कम होगी और विभागों द्वारा समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा।
बकाया वसूली पर रहेगा फोकस
राज्य में कई सरकारी विभागों पर लंबे समय से बिजली बिलों का बकाया चल रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद विभागों को अपने बजट में बिजली खर्च का अलग प्रावधान करना होगा। अधिकारियों के अनुसार, इससे बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और राजस्व संग्रह में सुधार आएगा।
किन विभागों पर लागू होगा नियम?
यह व्यवस्था प्रारंभिक चरण में सभी प्रमुख सरकारी विभागों, जिला कार्यालयों, विकासखंड कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य संस्थानों और अन्य शासकीय भवनों पर लागू की जाएगी। जिन कार्यालयों में स्मार्ट या प्रीपेड मीटर पहले से लगे हैं, वहां यह व्यवस्था सीधे प्रभावी हो जाएगी। अन्य स्थानों पर चरणबद्ध तरीके से प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे।
अधिकारियों को दिए गए विशेष निर्देश
ऊर्जा विभाग ने सभी विभागों से कहा है कि वे:
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बिजली खपत का मासिक आकलन करें,
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आवश्यक बजटीय प्रावधान सुनिश्चित करें,
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संबंधित बिजली वितरण कंपनी के साथ समन्वय बनाएं,
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और प्रीपेड मीटर स्थापना कार्य में सहयोग करें।
फिलहाल यह नियम केवल सरकारी विभागों और शासकीय संस्थानों पर लागू किया जा रहा है। घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं की मौजूदा बिलिंग व्यवस्था में तत्काल कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, भविष्य में प्रीपेड मीटर व्यवस्था को और व्यापक स्तर पर लागू करने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।

