कटनी जिले के स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र में हत्या के प्रयास के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लगभग एक महीने से फरार चल रहे मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि चार अन्य आरोपियों ने न्यायालय में सरेंडर किया है। पुलिस अब सभी आरोपियों से पूछताछ कर घटना की पूरी सच्चाई जुटाने में लगी हुई है
कटनी पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देश पर जिले भर में गंभीर अपराधों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष डहेरिया और एसडीओपी स्लीमनाबाद आकांक्षा चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सुदेश कुमार और उनकी टीम ने हत्या के प्रयास के मामले में फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार 2 मई 2026 को फरियादी अपने खेत पर पहुंचा था, जहां उसने देखा कि खेत में लगे सागौन के पेड़ काट दिए गए हैं। जब वह इसका वीडियो बना रहा था, तभी राजभान यादव वहां पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। शोर सुनकर राजभान के बेटे पप्पू यादव, लालू यादव, अंतु उर्फ अमित यादव और सचिन यादव भी ट्रैक्टर से मौके पर पहुंचे और विवाद में शामिल हो गए।
आरोप है कि पप्पू यादव ने लोहे की रॉड से हमला किया, जिससे फरियादी घायल हो गया। बीच-बचाव करने पहुंचे फरियादी के माता-पिता पर भी आरोपियों ने हमला किया। राजभान यादव ने सब्बल से वार किया, जबकि पप्पू यादव ने कुल्हाड़ी से हमला कर महिला को गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए थे।
पीड़ित की शिकायत पर स्लीमनाबाद थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 257/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू की। लगातार तलाश के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली, जिसके आधार पर ग्राम खिरहनी के पास खेत से मुख्य आरोपी राजभान यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त डंडा भी बरामद किया है।
गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। वहीं मामले के अन्य आरोपी संदीप उर्फ पप्पू यादव, सचिन यादव, लालू यादव और अंतु उर्फ अमित यादव ने न्यायालय में सरेंडर कर दिया। पुलिस रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी सुदेश कुमार, उपनिरीक्षक सौरभ सोनी, प्रधान आरक्षक प्रेम शंकर पटेल, शेख यूसुफ, लखन पटेल, आरक्षक विवेक झारिया तथा साइबर सेल के आरक्षक अजय साकेत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्लीमनाबाद पुलिस की इस कार्रवाई को अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

