शाम 3 बजे अचानक पहुंचे हमलावर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शाम करीब 3 बजे कुछ युवक और महिलाएं शराब दुकान के बाहर इकट्ठा हुए। पहले कर्मचारियों से कहासुनी हुई। फिर माहौल बिगड़ गया। आरोप है कि समूह ने डंडों से हमला शुरू कर दिया। दुकान के भीतर रखी सामग्री भी नुकसान पहुंचाया गया। हमले के दौरान वहां मौजूद लोग इधर-उधर भागते नजर आए। टूटी बोतलों की आवाज और लोगों की चीखें दूर तक सुनाई दे रही थीं। कुछ कर्मचारियों ने अंदर छिपकर खुद को बचाने की कोशिश की। लेकिन दो कर्मचारी हमले की चपेट में आ गए। उनके कपड़ों पर खून के निशान साफ दिखाई दे रहे थे।
घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। घायल कर्मचारियों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत स्थिर बताई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। अधिकारियों के मुताबिक शराब दुकान के CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। हमले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। शुरुआती जांच में पुरानी रंजिश और विवाद की बात सामने आ रही है, हालांकि पुलिस अभी सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
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घटना के बाद इलाके में तनाव
लाहोद इलाके में इस घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। शराब दुकान के बाहर देर शाम तक लोगों की भीड़ जुटी रही। कई ग्रामीणों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। कुछ स्थानीय लोग यह भी कहते दिखे कि दुकान के आसपास पहले भी विवाद की स्थिति बनती रही है। मौके पर बिखरे डंडे, टूटी कुर्सियां और फर्श पर फैले खून के निशान पूरी घटना की भयावहता बयान कर रहे थे। वहां मौजूद एक बुजुर्ग सिर्फ इतना कह पाए — “कुछ मिनट में सब बदल गया।”

