धमतरी। जिले में 65.12 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत कुरमातराई-भेण्डरा-कोर्रा-जुगदेही-सिलौटी-सेमरा मार्ग (22 किमी) का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण कार्य अब ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है। विकास के नाम पर शुरू हुई यह महत्वाकांक्षी परियोजना धीमी गति और ठेकेदार की लापरवाही के चलते ‘कछुआ चाल’ का शिकार हो गई है, जिससे खासकर सेमरा (सी) सहित आसपास के गांवों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
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इस मार्ग को पूर्व मंत्री एवं कुरुद विधायक अजय चंद्राकर की पहल पर वर्ष 2019-20 में एडीबी परियोजना में शामिल किया गया था, ताकि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत हो सके। लेकिन वर्तमान में निर्माण कार्य की रफ्तार बेहद सुस्त है। आरोप है कि ठेकेदार द्वारा कार्य को अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे शासन की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं और ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
ग्राम सेमरा (सी) में स्थिति सबसे अधिक खराब बताई जा रही है, जहां मुख्य गलियों को खोदे हुए 22 दिन से ज्यादा हो चुके हैं। नालियों की निकासी बाधित होने से जलभराव और कीचड़ की समस्या गंभीर हो गई है। पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है, वहीं दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन भी बाधित है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ठेकेदार पर सख्ती करते हुए कार्य को प्राथमिकता से पूरा कराया जाए, अन्यथा विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

