कटनी जिले के रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वर्षों से चली आ रही अव्यवस्थाओं और लापरवाहियों के बीच अब बदलाव की तस्वीर दिखाई देने लगी है।
अस्पताल, जो लंबे समय से अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर चर्चाओं में बना हुआ था, वहां अब नई व्यवस्था के साथ मरीजों को राहत मिलने लगी है।
स्थानीय मीडिया द्वारा लगातार अस्पताल की कमियों, लापरवाही और भ्रष्टाचार को उजागर किया गया, जिसके बाद जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए डॉक्टर मेघेंद्र श्रीवास्तव को बीएमओ पद से हटाकर डॉक्टर आशित निगम को नया प्रभार सौंपा।
नवागत बीएमओ डॉक्टर आशित निगम के पदभार संभालते ही अस्पताल की कार्यप्रणाली में बदलाव साफ नजर आने लगा है।
जहां पहले मरीजों के नाम पर भारी-भरकम बिल तो बनाए जाते थे, लेकिन उन्हें सुविधाएं नहीं मिलती थीं, वहीं अब मरीजों को प्रतिदिन सुबह फल वितरित किए जा रहे हैं।
अस्पताल में सुधरती व्यवस्थाओं को देखकर मरीजों के चेहरों पर मुस्कान दिखाई दे रही है। मरीज और उनके परिजन डॉक्टर आशित निगम का आभार व्यक्त करते नजर आ रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो नई कार्यप्रणाली से जहां मरीज और क्षेत्र की जनता खुश है, वहीं कुछ कर्मचारियों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
बताया जा रहा है कि अब कर्मचारियों को समय पर मुख्यालय पहुंचकर जिम्मेदारी के साथ काम करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नवागत बीएमओ की शुरुआत सराहनीय है और उम्मीद है कि डॉक्टर आशित निगम इसी तरह अपनी सेवाएं देते रहेंगे, ताकि क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती रहें।

