यशवंत गंजीर धमतरी | धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड का ग्राम कल्ले इन दिनों एक ऐसे सामाजिक संकट से गुजर रहा है, जिसकी चर्चा अब आसपास के इलाकों में भी होने लगी है। पिछले करीब 10 वर्षों से यहां अवैध शराब का कारोबार लगातार फैलता जा रहा है, जिसने गांव की पहचान और सामाजिक ढांचे को गहराई से प्रभावित किया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में खुलेआम शराब बेची जा रही है। गलियों में दिन-रात नशे में धुत लोगों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे गाली-गलौज, विवाद और असामाजिक गतिविधियां आम हो चुकी हैं। इसका सबसे ज्यादा असर गांव के युवाओं और युवतियों के भविष्य पर पड़ रहा है।
स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि अब इस गांव के युवकों के लिए रिश्ते आना लगभग बंद हो गया है। ग्रामीण बताते हैं कि जब वे दूसरे गांवों में अपने बेटों के लिए रिश्ता लेकर जाते हैं, तो सामने से साफ मना कर दिया जाता है। यहां तक कि जब बाहरी लोग गांव में लड़कियां देखने आते हैं, तब भी गांव की छवि देखकर रिश्ता तोड़ देते हैं। इससे कई युवक-युवतियों की शादी की उम्र निकलती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार पुलिस और आबकारी विभाग से शिकायत की, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि अवैध शराब बेचने वालों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे बिना डर के कारोबार चला रहे हैं।
अब हालात से परेशान होकर ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे हैं। सरपंच जया संदीप डहरिया सहित अन्य लोगों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन किया जाएगा।
प्रशासन ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन बड़ा सवाल यही है—क्या यह गांव अपनी खोई पहचान वापस पा सकेगा?

