धमतरी। धमतरी अब केवल धान उत्पादन के लिए नहीं, बल्कि हरित ऊर्जा और आधुनिक कृषि आधारित उद्योगों के नए केंद्र के रूप में पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है। जिले में लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) संयंत्र को लेकर गुरुवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक ने विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में Indian Oil Corporation Limited और Oil India Limited के वरिष्ठ अधिकारियों ने जिले में निवेश, संसाधन और तकनीकी संभावनाओं पर गहन चर्चा की।
सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह परियोजना सीधे तौर पर किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी हुई है। धमतरी में बड़ी मात्रा में उपलब्ध धान का पैरा और कृषि अवशेष, जो अक्सर जलाकर नष्ट कर दिए जाते हैं, अब ऊर्जा उत्पादन का साधन बन सकते हैं। इससे किसानों को अतिरिक्त आय का नया स्रोत मिलेगा, वहीं पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण में भी कमी आएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना समयबद्ध तरीके से शुरू होती है, तो धमतरी प्रदेश में “वेस्ट टू एनर्जी” मॉडल का उदाहरण बन सकता है।
बैठक में ऑयल ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के सीईओ संतनु कुमार सैकिया, महाप्रबंधक राजीव कुमार तमुली तथा Oil India Limited के सलाहकार सुदीश कुमार सिंह ने जिले में उपलब्ध कच्चे माल, परिवहन सुविधाओं और औद्योगिक संभावनाओं का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। राइस मिलर्स एसोसिएशन और कृषि विभाग ने भी धान अवशेषों की उपलब्धता से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए, जिससे परियोजना को व्यवहारिक आधार मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि धमतरी कृषि आधारित उद्योगों और हरित ऊर्जा परियोजनाओं के लिए बेहद उपयुक्त जिला है तथा प्रशासन निवेशकों को भूमि, अधोसंरचना और सभी आवश्यक प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। माना जा रहा है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में जिले में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सतत औद्योगिक विकास की दिशा में भी मील का पत्थर साबित हो सकती है।

