फिल्मी अंदाज़ में तुरंत फैसले और ताबड़तोड़ कार्रवाई… कुछ ऐसा ही नज़ारा इन दिनों कटनी जिले के रीठी सरकारी अस्पताल में देखने को मिल रहा है।
आपने फिल्म नायक जरूर देखी होगी, जहां एक दिन का मुख्यमंत्री बनकर अनिल कपूर भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त फैसले लेते हैं। ठीक उसी स्टाइल में नवागत बीएमओ डॉ. आशित निगम ने पदभार संभालते ही सिस्टम को सुधारने का बीड़ा उठा लिया है।
पहला बड़ा एक्शन
वर्षों से एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) में भर्ती कुपोषित बच्चों को मिलने वाले आहार में भारी लापरवाही सामने आने के बाद बड़ा कदम उठाया गया है।
डाइट व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहीं श्रीमति अंजना सिंह को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।
उनके स्थान पर रमजान खान को अस्थायी रूप से डाइट का प्रभार सौंपा गया है।
सख्त निर्देश जारी
अंजना सिंह को आदेश दिया गया है कि वे तुरंत समस्त कार्यभार सौंपें
रमजान खान को रोज़ाना रसोई की जांच करने के निर्देश
भोजन की गुणवत्ता में कमी मिलने पर सीधे बीएमओ को रिपोर्ट करना अनिवार्य
सिस्टम में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद अस्पताल स्टाफ में हलचल तेज हो गई है। वर्षों से चली आ रही लापरवाही पर अब सख्ती का दौर शुरू हो चुका है।
अब किसकी बारी?
बीएमओ के इस “एक्शन मोड” के बाद सवाल उठ रहा है—
क्या यह सिर्फ शुरुआत है? और अगला नंबर किसका होगा?
रीठी अस्पताल में अब हर कर्मचारी की नजरें बीएमओ की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

