*धमतरी:* नगर पंचायत भखारा स्थित ‘कृष्ण कुंज’ एक बार फिर भीषण आग की चपेट में आ गया। लगातार दूसरे वर्ष हुई इस घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार की ओर इशारा किया है। शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत लगाए गए सैकड़ों फलदार और छायादार पौधे देखते ही देखते खाक हो गए, जिससे शासन की लाखों की संपत्ति का नुकसान हुआ है।
*लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप*
स्थानीय नागरिकों में विभाग के प्रति भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि कृष्ण कुंज में नागरिक सूचना पटल तक नहीं लगाया गया है, जिससे योजना की लागत और बजट की जानकारी गुप्त रखी जा सके। ग्रामीणों के अनुसार, परिसर की साफ-सफाई के लिए प्रतिवर्ष बजट आता है, लेकिन धरातल पर सूखी घास और झाड़ियों का अंबार लगा रहता है। यही सूखी घास आग फैलने का मुख्य कारण बनी। आरोप है कि मेंटेनेंस का पैसा केवल कागजों तक सीमित है।
*पराली की आग ने मचाई तबाही*
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पास के खेतों में जलाई जा रही पराली के कारण आग ने विकराल रूप लिया। संसाधनों की कमी के कारण स्थानीय लोग आग बुझाने में बेबस रहे। घटना ने सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की पोल खोल दी है। सवाल यह उठ रहा है कि पिछले साल की घटना से सबक लेकर झाड़ियों की सफाई समय पर क्यों नहीं कराई गई?
*अधिकारियों का गैर-जिम्मेदाराना रवैया*
मामले में कुरूद रेंजर ध्रुव ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए नए रेंजर से बात करने को कहा, जबकि रेंजर प्रधान ने फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझा। वहीं,।डिप्टी रेंजर एरावत सिंह मधुकर ने बताया कि आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया था और पराली जलाने वाले संबंधित किसान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
बहरहाल, शासन के दावों के विपरीत कृष्ण कुंज की यह दुर्दशा पर्यावरण संरक्षण के प्रति विभाग की गंभीरता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि इस लापरवाही की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

