IPL 2026 : छत्तीसगढ़ के मेधावी छात्रों के लिए खास तोहफा’ IPL मैच लाइव देखने का मिलेगा मौका
Residents बोले—अब मिली राहत की सांस
कई महीनों से परेशान लोग। अधूरी सड़कें, ड्रेनेज की दिक्कत, बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर का अभाव। शिकायतें बढ़ती गईं। आखिरकार मामला छत्तीसगढ़ भू संपदा विनियामक प्राधिकरण (RERA) तक पहुंचा। जांच हुई। रिकॉर्ड खंगाले गए। और फिर सीधा एक्शन। RERA ने साफ कहा—नियमों का उल्लंघन हुआ है। प्रोजेक्ट में जो सुविधाएं वादा की गई थीं, वे जमीन पर नहीं दिख रहीं।
- ₹1 लाख का जुर्माना लगाया गया
- 60 दिन का समय सुधार के लिए दिया गया
- बेसिक सुविधाएं तुरंत पूरी करने के निर्देश
एक स्थानीय निवासी ने बताया, “कागज पर सब कुछ था, जमीन पर कुछ नहीं। अब जाकर सुनवाई हुई है।”
Ground Reality: कंक्रीट के बीच अधूरी जिंदगी
साइट पर जाने पर तस्वीर साफ दिखती है। कुछ टावर तैयार, कुछ अधूरे। रास्ते धूल से भरे। पानी निकासी की व्यवस्था कमजोर। आप वहां खड़े हों तो समझ आता है—लोग सिर्फ घर नहीं खरीदते, वे भरोसा खरीदते हैं। और वही भरोसा यहां दरकता दिखा। RERA की कार्रवाई के बाद माहौल बदला है। उम्मीद लौटी है।

