धमतरी। जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के पास रविवार सुबह एक मादा भालू के पहुंचने से इलाके में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने तत्काल मोर्चा संभाला और रायपुर से आए विशेषज्ञों की मदद से सुनियोजित रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर भालू को सुरक्षित पकड़ लिया। विभाग ने बताया कि पूरे अभियान में मानक वन्यजीव सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया।
रेस्क्यू के दौरान विशेषज्ञों ने भालू को काबू में करने के लिए ट्रेंकुलाइजेशन तकनीक का उपयोग किया। डार्ट गन के माध्यम से दूर से ही बेहोशी की दवा दी गई। डार्ट लगने के बाद भालू कुछ दूरी तक भागी, लेकिन कुछ ही मिनटों में दवा का असर होने पर वह अचेत हो गई। इसके बाद टीम ने सावधानीपूर्वक उसकी निगरानी की और श्वसन दर व हृदय गति की जांच कर स्थिति सामान्य होने की पुष्टि की।


वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिक जांच में पाया गया कि भालू भीषण गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन का शिकार थी। उसे तत्काल राहत देने के लिए मौके पर ही आईवी ड्रिप लगाई गई, जिससे उसकी स्थिति स्थिर हो सकी। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से पिंजरे में स्थानांतरित किया गया।
डीएफओ ने बताया कि भालू की उम्र लगभग 6 से 7 वर्ष के बीच है। पूरी तरह स्वस्थ होने और एनेस्थीसिया का असर खत्म होने के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन से जहां शहरवासियों ने राहत की सांस ली, वहीं वन विभाग ने एक वन्यजीव का जीवन सुरक्षित बचाने में सफलता हासिल की।

