कटनी जिले के रीठी रेलवे स्टेशन से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया है।
परेवागार गांव के रहने वाले बुजुर्ग शालीन साह पिछले कई दिनों से बीमार थे। हालत बिगड़ने पर उनकी पत्नी उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जा रही थी। उम्मीद थी कि ट्रेन आएगी और जिंदगी को एक और मौका मिलेगा।
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
दोनों रीठी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे, तभी अचानक बुजुर्ग की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। मदद मिलने से पहले ही उन्होंने वहीं प्लेटफॉर्म पर आखिरी सांस ले ली।
यह मंजर इतना मार्मिक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। पत्नी अपने पति के शव के पास बैठी रही—बेबस, लाचार और टूटी हुई। वह मदद के लिए लोगों की ओर देखती रही, लेकिन उस पल में उसके पास सिर्फ इंतजार और दर्द ही बचा था।
सूचना मिलते ही रीठी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को परिजनों को सौंप दिया।
यह घटना सिर्फ एक मौत की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस कड़वी सच्चाई को उजागर करती है जहां गरीबी, लाचारी और समय पर इलाज न मिल पाने की वजह से लोग जिंदगी की जंग हार जाते हैं।

