कोलकाता/पश्चिम बंगाल, 29 अप्रैल 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में आज लोकतंत्र का महापर्व अपने चरमोत्कर्ष पर नजर आया। राज्य की 142 सीटों के लिए हुए मतदान में शाम 5 बजे तक 89.99% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, यह आंकड़ा 2021 के चुनावों के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ सकता है, क्योंकि कई बूथों पर शाम 6 बजे के बाद भी लंबी कतारें देखी गईं।
इन जिलों में हुआ मतदान
आज अंतिम चरण में दक्षिण बंगाल के सात महत्वपूर्ण जिलों में वोट डाले गए:
Pakistan-Afghanistan Conflict : अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर फिर तनाव, आम नागरिकों में दहशत
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कोलकाता (उत्तर व दक्षिण)
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हावड़ा
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उत्तर 24 परगना
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दक्षिण 24 परगना
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हुगली
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नदिया
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पूर्व बर्द्धमान
सुरक्षा के कड़े पहरे में ‘वोटिंग’
चुनाव आयोग के लिए इन जिलों में शांतिपूर्ण मतदान कराना सबसे बड़ी चुनौती थी, जिसे देखते हुए सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए थे।
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CAPF की भारी तैनाती: संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 2,400 से अधिक कंपनियों को तैनात किया गया था।
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ड्रोन से निगरानी: कोलकाता और हावड़ा के संकरी गलियों वाले इलाकों में ड्रोन कैमरों के जरिए उपद्रवियों पर नजर रखी गई।
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सख्ती: आयोग ने स्पष्ट किया था कि हिंसा की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसके चलते इक्का-दुक्का झड़पों को छोड़कर मतदान काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा।
दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर
इस अंतिम चरण में कई हाई-प्रोफाइल सीटों पर मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा:
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भवानीपुर: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के बीच यहाँ सीधी और कड़ी टक्कर मानी जा रही है। ममता बनर्जी ने दोपहर में अपना वोट डालने के बाद दावा किया कि बंगाल की जनता एक बार फिर “मा-माटी-मानुष” की सरकार चुनेगी।
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नंदीग्राम और अन्य हॉट सीट्स: दक्षिण बंगाल के इन जिलों को टीएमसी का गढ़ माना जाता है, लेकिन भाजपा ने इस बार इन किलों में सेंध लगाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।

