कटनी जिले की रीठी तहसील के अंतर्गत आने वाले उमरिया गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अज्ञात कारणों से नरवाई (फसल अवशेष) में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते यह आग विकराल रूप धारण कर गई और आसपास के दर्जनों खेतों को अपनी चपेट में ले लिया।
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही समय में बड़े क्षेत्र में फैल गईं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना किसी संसाधन के आग बुझाने में जुट गए। ग्रामीणों के अथक प्रयासों के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका।


गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि रीठी तहसील मुख्यालय के अंतर्गत लगभग 108 गांव आते हैं, लेकिन यहां आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसी आपात स्थिति में समय पर मदद नहीं मिल पाने के कारण नुकसान बढ़ जाता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि रीठी तहसील मुख्यालय में जल्द से जल्द फायर ब्रिगेड की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से समय रहते निपटा जा सके।

