Bus Accident : रफ्तार का कहर , डीपाडीह में दो यात्री बसों की आमने-सामने भिड़ंत, 20 यात्री लहूलुहान
“बारात आने वाली थी”: खुशियों के बीच मातम की दस्तक
हमें पता चला कि अब्दुल गनी खान अपनी बेटी के निकाह को लेकर बेहद उत्साहित थे. वे सुबह से ही मेहमानों की खातिरदारी और निकाह की रस्मों की तैयारियों में जुटे थे. दोपहर करीब 2:30 बजे, जब बारात आने में सिर्फ़ एक-दो घंटे बाकी थे, उन्हें सीने में तेज़ दर्द की शिकायत हुई. परिवार वाले कुछ समझ पाते, इससे पहले ही वे बेसुध होकर गिर पड़े. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें ‘मृत’ घोषित कर दिया. वहां मौजूद एक मेहमान ने बताया कि अब्दुल गनी अपनी बेटी के सिर पर सेहरा सजाने का इंतज़ार कर रहे थे, और अब पूरा परिवार उनकी अर्थी के पास रो रहा है. उनकी इकलौती बेटी, जिसके चेहरे पर दुल्हन की लालिमा थी, अब पिता के जाने के गम में सुध-बुध खो बैठी है |
“इकलौती बेटी का सपना”: अधूरा रह गया पिता का फर्ज़
अब्दुल गनी खान अपनी बेटी से बेहद प्यार करते थे और इस निकाह को एक यादगार इवेंट बनाने के लिए उन्होंने महीनों पहले से प्लानिंग की थी. उन्होंने अपनी पूरी जमापूंजी इस निकाह में लगा दी थी, सिर्फ़ अपनी बेटी की खुशी के लिए. 2026 के इस दौर में भी, जहां लोग रिश्तों से ज़्यादा चकाचौंध को अहमियत देते हैं, अब्दुल गनी के लिए उनकी बेटी की खुशी सबसे बढ़कर थी |
उनके निधन की खबर मिलते ही शंकर नगर इलाके में सन्नाटा पसर गया. रिश्तेदार और पड़ोसी, जो निकाह में शामिल होने आए थे, अब परिवार को ढांढस बंधाने में लगे हैं. पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है, लेकिन परिवार वालों ने इसे एक स्वाभाविक मौत (Natural Death) माना है. यह घटना 2026 के छत्तीसगढ़ में एक दुखद याद बनकर रह गई है. क्या आप भी अपने प्रियजनों के साथ बिताए हर पल की अहमियत समझते हैं?
“अब्दुल गनी खान सिर्फ़ एक अधिकारी नहीं, बल्कि एक बेहद मिलनसार और ज़िंदादिल इंसान थे. वे अपनी बेटी के निकाह को लेकर बेहद भावुक थे. यह घटना एक बहुत बड़ा शॉक है. हम उनके परिवार के दुख में शामिल हैं. कानून के तहत अगर कोई ज़रूर होगी, तो हम प्रशासन की तरफ से मदद करेंगे.”
— रायपुर परिवहन विभाग अधिकारी

