धमतरी। एक “इनाम में कार” का सपना… और हकीकत में पूरी जमा-पूंजी खत्म। भखारा क्षेत्र में सामने आए इस सनसनीखेज मामले ने साइबर ठगी के खतरनाक चेहरे को उजागर कर दिया है, जहां ठगों ने एक व्यक्ति को तीन साल तक झांसे में रखकर करीब एक करोड़ रुपये ऐंठ लिए।
मामले के अनुसार भखारा निवासी कमलेश ठाकुर, जो भिलाई में कार्यरत हैं, को वर्ष 2022 में एक अज्ञात कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि उन्होंने इनाम में एक कार जीती है। कार को घर तक पहुंचाने के नाम पर डीजल खर्च और ड्राइवर फीस मांगी गई। भरोसा कर पीड़ित ने पहली बार रकम ट्रांसफर कर दी—और यहीं से शुरू हुआ ठगी का सिलसिला।
इसके बाद ठगों ने योजनाबद्ध तरीके से पीड़ित को अपने जाल में उलझाए रखा। कभी रकम को दोगुना करने का लालच दिया गया, तो कभी टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और दस्तावेजी औपचारिकताओं के नाम पर बार-बार पैसे मंगाए गए। हर बार नए बहाने और भरोसे के साथ रकम ली जाती रही, जिससे पीड़ित को शक तक नहीं हुआ।
करीब तीन वर्षों (2022 से 2025) तक चले इस खेल में अलग-अलग किस्तों में पीड़ित से लगभग एक करोड़ रुपये की राशि ठग ली गई। जब न कार मिली और न ही कोई ठोस जवाब, उल्टा ठगों ने संपर्क तोड़ दिया, तब जाकर पीड़ित को अपनी ठगी का अहसास हुआ।
पीड़ित ने भखारा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी (धारा 420) के तहत मामला कायम कर जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल संबंधित बैंक खातों और ट्रांजेक्शनों की बारीकी से जांच कर रही है।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के लॉटरी, इनाम या अनजान कॉल पर विश्वास न करें। बिना पुष्टि के पैसे ट्रांसफर करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है।
“मुफ्त” और “इनाम” के लालच में उठाया गया एक कदम, जिंदगी भर की मेहनत पर भारी पड़ सकता है।

