बिलासपुर।’ छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित सरकंडा थाना क्षेत्र में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और सरकंडा पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर रेड मारकर गांजा बिक्री में संलिप्त दो सगी बहनों को गिरफ्तार किया है। ये महिलाएं स्कूटी पर घूम-घूम कर गांजा सप्लाई करती थीं। पुलिस ने उनके पास से 6 किलो गांजा, 5.98 लाख रुपये नकद और वाहन सहित कुल 15.78 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।
नाम बदलकर कर रही थीं अवैध कारोबार
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि दोनों बहनें अपनी पहचान छिपाने के लिए नाम बदलकर शहर के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय थीं। पुलिस लंबे समय से इस ड्रग नेटवर्क पर नजर रख रही थी। सगी बहनों द्वारा संचालित इस गिरोह ने शहर के युवाओं को नशे के जाल में फंसाने के लिए एक सुनियोजित तंत्र तैयार कर रखा था।
जब्त की गई संपत्तियों का विवरण
पुलिस की छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नकदी और नशीले पदार्थ बरामद हुए हैं, जिसका विवरण नीचे दिया गया है:
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नशीला पदार्थ: 6 किलोग्राम अवैध गांजा।
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नकद राशि: 5.98 लाख रुपये (बिक्री से अर्जित)।
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वाहन: तस्करी में इस्तेमाल की जाने वाली स्कूटी।
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कुल मूल्यांकन: लगभग 15.78 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति।
पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से हड़कंप
यह कार्रवाई बिलासपुर पुलिस की मुस्तैदी को दर्शाती है। ACCU और सरकंडा थाना की संयुक्त टीम ने जाल बिछाकर घेराबंदी की और स्कूटी पर गांजा ले जाते समय दोनों को रंगे हाथों दबोच लिया। शहर में गांजा बिक्री करने वाले अन्य संदिग्धों के बीच इस गिरफ्तारी के बाद हड़कंप मचा हुआ है।
नशे के खिलाफ अभियान जारी
छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा नशे के खिलाफ ‘निजात’ जैसे अभियानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है। बिलासपुर पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के अन्य कड़ियों की तलाश की जा रही है ताकि नशे के इस पूरे चैन को जड़ से खत्म किया जा सके।
