रामानुजगंज। गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व, जो देशभक्ति, अनुशासन और गरिमा का प्रतीक माना जाता है, उसी अवसर पर रामानुजगंज क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी स्कूल में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान छात्रों द्वारा अश्लील भोजपुरी गानों पर नृत्य किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था और स्कूल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Viral Video
क्या है पूरा मामला
मामला रामचंद्रपुर विकासखंड स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, 26 जनवरी को स्कूल परिसर में आयोजित गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने मंच पर अश्लील भोजपुरी गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किया। हैरानी की बात यह रही कि पूरा कार्यक्रम शिक्षकों की मौजूदगी में संपन्न हुआ, लेकिन किसी भी शिक्षक या जिम्मेदार अधिकारी ने न तो नृत्य को रोका और न ही गीतों की आपत्तिजनक भाषा पर आपत्ति जताई।
कैसे वायरल हुआ वीडियो
कार्यक्रम के दौरान मौजूद ग्रामीणों और अभिभावकों ने मोबाइल फोन से इस नृत्य का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यह वीडियो व्हाट्सएप, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आते ही क्षेत्र में शिक्षा के स्तर और स्कूलों की निगरानी व्यवस्था को लेकर नाराजगी फैल गई।
अनुशासन और निगरानी पर सवाल
गणतंत्र दिवस जैसे गरिमामय अवसर पर अश्लील गीतों का चयन बेहद आपत्तिजनक माना जा रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या कार्यक्रम से पहले गीतों की सूची, मंच संचालन और प्रस्तुति की स्क्रिप्ट की कोई जांच की गई थी या नहीं। स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
ग्रामीणों और अभिभावकों की नाराजगी
ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि स्कूल जैसे शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह की गतिविधियां बच्चों के संस्कार और नैतिक शिक्षा पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। कई अभिभावकों ने दोषी शिक्षकों और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं की गई, तो भविष्य में ऐसे मामले दोबारा सामने आ सकते हैं।
प्रशासन की चुप्पी, जांच की मांग
खबर लिखे जाने तक शिक्षा विभाग या स्कूल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने जांच समिति गठित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर स्कूल परिसर में इस तरह की गतिविधि न केवल शैक्षणिक मूल्यों के खिलाफ है, बल्कि यह पूरी शिक्षा व्यवस्था की निगरानी प्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़ा करती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस वायरल वीडियो को कितनी गंभीरता से लेता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।

