US-Iran War : वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान चलाने का दावा किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया और करीब 90 स्थानों को तबाह कर दिया गया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस सैन्य अभियान से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया है। वीडियो में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और हमलों के दृश्य दिखाए गए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।
अमेरिकी सेना ने बनाए कई ठिकाने निशाना
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का दावा किया है। इनमें मिसाइल सिस्टम, सैन्य ठिकाने और अन्य रणनीतिक स्थान शामिल बताए जा रहे हैं।
अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई क्षेत्रीय सुरक्षा को बनाए रखने और ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के उद्देश्य से की गई है। अमेरिकी अधिकारियों ने इसे योजनाबद्ध सैन्य ऑपरेशन बताया है।
ट्रंप ने वीडियो जारी कर दी जानकारी
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ऑपरेशन से जुड़ा वीडियो साझा करते हुए अमेरिकी सेना की कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी बलों ने सटीक तरीके से अपने लक्ष्यों को निशाना बनाया।
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि अमेरिका अपने हितों और सहयोगी देशों की सुरक्षा के लिए किसी भी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा।
ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
अमेरिकी हमले के दावे के बाद ईरान की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा।
दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव ने पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात और बिगड़े तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय राजनीति और ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से तनाव रहा है। परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव और सैन्य गतिविधियों को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
ताजा घटनाक्रम के बाद कई देशों ने संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब अमेरिका और ईरान की अगली रणनीति पर टिकी हुई है।
फिलहाल इस सैन्य कार्रवाई को लेकर दोनों देशों के अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि इस संघर्ष का असर किस दिशा में आगे बढ़ता है।

