UPI पेमेंट पर नया ‘टाइम लॉक’— भारत में डिजिटल लेनदेन की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए *भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)* एक नए सुरक्षा तंत्र पर विचार कर रहा है। इस प्रस्ताव के तहत, *₹10,000 से अधिक* के डिजिटल ट्रांजैक्शन पर एक निश्चित समय सीमा का *’कूलडाउन पीरियड’* अनिवार्य किया जा सकता है। इसका मतलब है कि बड़े अमाउंट का पेमेंट रिसीवर के खाते में तुरंत क्रेडिट होने के बजाय एक घंटे की देरी से पहुंचेगा।
UPI पेमेंट पर नया ‘टाइम लॉक’: ₹10,000 से ज्यादा के ट्रांसफर में होगी देरी, RBI का बड़ा प्रस्ताव

ऑनलाइन फ्रॉड पर लगाम लगाने की तैयारी
देशभर में बढ़ते ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए केंद्रीय बैंक ने यह सुझाव दिया है। वर्तमान में, UPI के जरिए पैसा पलक झपकते ही एक खाते से दूसरे खाते में चला जाता है, जिससे साइबर अपराधियों को पैसा निकालने का मौका मिल जाता है। नए नियम के लागू होने से, अगर किसी यूजर के साथ धोखाधड़ी होती है, तो उसे ट्रांजैक्शन रद्द करने या बैंक को सूचित करने के लिए *60 मिनट का महत्वपूर्ण समय* मिल सकेगा।
यह नियम मुख्य रूप से उन ट्रांजैक्शंस पर केंद्रित होगा जो *पहली बार* दो अनजान यूजर्स के बीच किए जा रहे हैं। बैंक सूत्रों के मुताबिक, आपकी दैनिक भुगतान सीमा (Daily Limit) में कोई कटौती नहीं की जाएगी; केवल पैसे पहुंचने की रफ्तार पर लगाम लगेगी।
अधिकारियों का रुख और आधिकारिक बयान
“डिजिटल सुरक्षा की दिशा में यह एक निवारक कदम है। हम देख रहे हैं कि फ्रॉड की स्थिति में ‘गोल्डन आवर’ (शुरुआती एक घंटा) सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि ट्रांजैक्शन तुरंत पूरा नहीं होता, तो पीड़ितों के पास अपनी मेहनत की कमाई बचाने का मौका होगा।”
— बैंकिंग नियामक अधिकारी (डिजिटल भुगतान प्रभाग)
आम जनता पर क्या होगा असर?
इस बदलाव का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो बड़े मूल्य की खरीदारी या तत्काल भुगतान के लिए UPI का उपयोग करते हैं।
- ट्रांजैक्शन लिमिट: आप ₹10,000 से अधिक की राशि भेज पाएंगे, लेकिन रिसीवर को वह पैसा एक घंटे बाद मिलेगा।
- इमरजेंसी पेमेंट: अस्पताल के बिल या अन्य आपातकालीन भुगतानों के लिए इस नियम में छूट के प्रावधानों पर अभी चर्चा जारी है।
- फीडबैक प्रक्रिया: RBI ने इस प्रस्ताव पर बैंकों, फिनटेक कंपनियों और आम जनता से *राय (Feedback)* मांगी है।
फिलहाल यह प्रस्ताव समीक्षा के अधीन है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम साइबर अपराधियों के हौसले पस्त करेगा, हालांकि इससे डिजिटल इंडिया की ‘तत्काल भुगतान’ वाली छवि पर थोड़ा असर जरूर पड़ सकता है।

