बलरामपुर जिले के बसंतपुर स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्याख्याता की कथित लापरवाही का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में शिक्षक को स्कूल परिसर में कुर्सी पर सोते हुए देखा जा सकता है, जिससे शिक्षा व्यवस्था और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।Today Breaking News

राजेन्द्र कुमार देवांगन पर गंभीर आरोप

राजेन्द्र कुमार देवांगन पर गंभीर आरोप
जानकारी के अनुसार, बसंतपुर हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ व्याख्याता राजेन्द्र कुमार देवांगन पर आरोप है कि वे नियमित रूप से अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं करते हैं। वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि वे स्कूल समय के दौरान कुर्सी पर बैठे-बैठे सो रहे हैं, जबकि उसी समय विद्यार्थियों की कक्षाएं चलनी चाहिए थीं।
वायरल वीडियो यहां देखें
परिजनों ने बनाया वीडियो, सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
बताया जा रहा है कि विद्यालय में पढ़ने वाले कुछ विद्यार्थियों के परिजनों ने इस लापरवाही को कैमरे में कैद किया और वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के भविष्य के साथ इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
शैक्षणिक गतिविधियों की अनदेखी, अनुशासन पर सवाल
विद्यालय में शिक्षक का इस तरह सोना न केवल शैक्षणिक गतिविधियों की अनदेखी को दर्शाता है, बल्कि यह स्कूल के अनुशासन पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। विद्यार्थियों को जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है, वहीं इस तरह की घटनाएं शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को उजागर करती हैं।
दायित्व निर्वहन में लापरवाही का आरोप
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, संबंधित शिक्षक द्वारा अपने निर्धारित दायित्वों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है। न तो नियमित रूप से कक्षाएं ली जा रही हैं और न ही विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। इससे छात्रों की पढ़ाई पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
अभिभावकों और ग्रामीणों में नाराजगी
घटना के सामने आने के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। उनका कहना है कि सरकारी स्कूलों में पहले ही शिक्षा का स्तर चिंता का विषय बना हुआ है, ऐसे में यदि शिक्षक ही अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर नहीं होंगे, तो बच्चों का भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा।

प्रशासन और शिक्षा विभाग से कार्रवाई की मांग

प्रशासन और शिक्षा विभाग से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की लापरवाही करने वाले शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
जांच के बाद ही साफ होगी स्थिति
फिलहाल इस मामले में शिक्षा विभाग की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। माना जा रहा है कि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
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यह घटना एक बार फिर सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो इसका सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ सकता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और दोषी पर क्या कार्रवाई की जाती है।
