By- Sanjiv singh
बलरामपुर। जिले में धान खरीदी प्रकरण को लेकर व्यापारियों की परेशानी बढ़ती जा रही है।Today Breaking News In Hindi 18 गाड़ियों सहित 18 ट्रॉली धान जब्त किए जाने के मामले में अब व्यापारियों ने जिला प्रशासन से शीघ्र और न्यायपूर्ण समाधान की मांग की है। इस संबंध में व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्ट्रेट पहुंचा और अपनी समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा।

व्यापारियों के अनुसार, हाल ही में प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान जिले में 18 गाड़ियां और 18 ट्रॉली धान पकड़ी गई थी। इस मामले की जांच माननीय कलेक्टर स्तर पर जारी है। जांच प्रक्रिया पूरी होने तक वाहनों को रिलीज नहीं किया गया है, जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। व्यापारियों का कहना है कि जांच लंबित रहने के कारण उनका माल फंसा हुआ है और आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।

व्यापारियों ने बताया कि इस कार्रवाई का सीधा असर उनकी आर्थिक स्थिति पर पड़ा है। कई व्यापारियों की बैंक किश्तें बकाया हो गई हैं। वैध और नियमों के तहत व्यापार करने वाले व्यापारी भी भुगतान करने में असमर्थ हो रहे हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो छोटे और मध्यम व्यापारी गंभीर आर्थिक संकट में आ सकते हैं।
व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि संभाग के अन्य जिलों में पकड़ी गई गाड़ियों को छोड़ दिया गया है, लेकिन बलरामपुर जिले में अब तक वाहन रिलीज नहीं किए गए हैं। इससे स्थानीय व्यापारियों में असंतोष और नाराजगी बढ़ रही है। उनका कहना है कि सभी जिलों में एक समान कार्रवाई होनी चाहिए और यदि अन्य स्थानों पर वाहन छोड़े जा सकते हैं, तो बलरामपुर में भी शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए।
जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि जांच प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कर पारदर्शी तरीके से निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि व्यापार सुचारू रूप से चलने के लिए आवश्यक है कि जब्त किए गए वाहनों को जल्द रिलीज किया जाए या स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।

मीडिया से चर्चा करते हुए व्यापारियों ने जिला प्रशासन से न्यायपूर्ण और त्वरित निराकरण की अपील की। उनका कहना है कि धान खरीदी का सीजन व्यापार के लिए महत्वपूर्ण होता है और इस दौरान माल अटका रहने से भारी नुकसान उठाना पड़ता है। यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो इसका व्यापक असर स्थानीय व्यापार और बाजार व्यवस्था पर पड़ सकता है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और व्यापारियों को कब तक राहत मिलती है। फिलहाल बलरामपुर का धान खरीदी प्रकरण जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।


