“स्कूल चलें हम अभियान के तहत जिलेभर में ‘भविष्य से भेंट’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया… जहां प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने स्कूलों में पहुंचकर बच्चों से सीधा संवाद किया… उन्हें पढ़ाया, समझाया और अपने अनुभवों से प्रेरित किया…”
“कलेक्टर के निर्देश पर जिले के 87 अधिकारियों ने 100 से अधिक सरकारी स्कूलों में पहुंचकर बच्चों का मार्गदर्शन किया… अधिकारियों ने विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने और अपने लक्ष्य पर फोकस करने की सीख दी…”
जिला पंचायत सीईओ ने झिंझरी के स्कूल में बच्चों से उनके सपनों के बारे में बात की… और उन्हें जीवन में एक स्पष्ट लक्ष्य तय करने की प्रेरणा दी… साथ ही उन्होंने मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता का भी निरीक्षण किया…”
“नगर निगम आयुक्त ने मॉडल स्कूल में पहुंचकर विद्यार्थियों को करियर और जीवन से जुड़ी अहम सीख दी… और सफलता के लिए मेहनत और अनुशासन को जरूरी बताया…”
“जिला शिक्षा अधिकारी ने साफ संदेश दिया कि सरकारी स्कूलों में भी निजी स्कूलों जैसी गुणवत्ता होनी चाहिए… उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए घर-घर संपर्क करें…”
“जिले के अन्य अधिकारियों ने भी अलग-अलग स्कूलों में पहुंचकर बच्चों से संवाद किया… और उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए प्रेरित किया…”
“‘भविष्य से भेंट’ कार्यक्रम ने बच्चों के मन में नए सपने और नई उम्मीद जगाई है… अब देखना होगा कि ये प्रेरणा उन्हें कितनी ऊंचाइयों तक ले जाती है…”
“जब मार्गदर्शक बनें अधिकारी… तो संवरता है बच्चों का भविष्य”

