यशवंत गंजीर, धमतरी। कुरूद विकासखंड के हजारों ग्रामीण परिवारों को जल्द ही वर्षों पुरानी पेयजल समस्या से राहत मिलने वाली है। भारत सरकार की जल जीवन मिशन योजना के तहत लगभग 130.40 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन सिर्री मल्टी विलेज स्कीम (एमवीएस) पूरी होने के बाद 84 गांवों के 29,793 परिवारों तक घर-घर नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जाएगा। यह परियोजना न केवल पेयजल संकट दूर करेगी, बल्कि भूजल संरक्षण और ग्रामीण जीवन स्तर सुधारने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगी।
जल संकट का होगा स्थायी समाधान
कुरूद क्षेत्र के कई गांव हर साल गर्मियों में गंभीर जल संकट झेलते रहे हैं। गिरते भूजल स्तर और सूखते हैंडपंपों के कारण ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता था। योजना के पूर्ण होने के बाद वर्षभर नियमित पेयजल उपलब्ध होने से इस समस्या का स्थायी समाधान होगा।
नहर के सतही जल से होगी आपूर्ति
कुरूद विकासखंड भूजल की दृष्टि से सेमी-क्रिटिकल क्षेत्र में शामिल है। इसी कारण योजना में भूजल के बजाय नहर के सतही जल का उपयोग किया जा रहा है। डांडेसरा स्थित आधुनिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पानी का वैज्ञानिक तरीके से शुद्धिकरण किया जाएगा। इसके बाद मास्टर बैलेंसिंग रिजर्वायर के माध्यम से पाइपलाइन नेटवर्क द्वारा गांवों और घरों तक जलापूर्ति की जाएगी।
चार जोन से होगी जल वितरण व्यवस्था
योजना को सुचारू संचालन के लिए चार जोन में विभाजित किया गया है। डांडेसरा जोन से 23, भटगांव से 19, कोड़ेबोड़ से 15 तथा सिर्री जोन से 27 गांवों को पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इससे सभी 84 गांवों में समान और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित होगी।
मगरलोड के लिए भी तैयार हो रही नई योजना
जल जीवन मिशन के तहत मगरलोड विकासखंड में मेघा मल्टी विलेज स्कीम की तैयारियां भी अंतिम चरण में हैं। इस योजना से 59 गांवों को लाभ मिलेगा। पारसाबुड़ा में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और तीन मास्टर बैलेंसिंग रिजर्वायर स्थापित किए जाएंगे। दोनों परियोजनाएं पूरी होने के बाद धमतरी जिले के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक, सतही जल आधारित और टिकाऊ पेयजल व्यवस्था स्थापित हो जाएगी, जिससे “हर घर नल, हर घर जल” का लक्ष्य और मजबूत होगा।

