यशवंत गंजीर, धमतरी। राजनीति में अक्सर आरोप-प्रत्यारोप, बयानबाजी और मतभेद सुर्खियां बटोरते हैं, लेकिन कभी-कभी कुछ तस्वीरें ऐसी सामने आती हैं जो सियासी चर्चाओं और कयासों से कहीं आगे निकलकर रिश्तों की मिठास का संदेश देती हैं। धमतरी जिले के ग्राम छाती में आयोजित चंद्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के केंद्रीय महाधिवेशन में ऐसा ही एक दिलचस्प और आत्मीय दृश्य देखने को मिला, जिसने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
महाधिवेशन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कुरुद विधायक अजय चंद्राकर एक साथ मंच पर मौजूद थे। इसी दौरान समाज के लोगों ने मुस्कुराते हुए दोनों नेताओं से ‘समधी भेंट’ करने का आग्रह किया। जनता के इस आत्मीय अनुरोध को दोनों नेताओं ने सहर्ष स्वीकार किया और एक-दूसरे के कंधे पर हाथ रखकर तस्वीर खिंचवाई। देखते ही देखते यह तस्वीर कार्यक्रम की सबसे चर्चित तस्वीर बन गई।
समधी भेंट के पीछे है दिलचस्प पारिवारिक रिश्ता
दरअसल, इस आत्मीय संबोधन के पीछे एक रोचक पारिवारिक कहानी भी जुड़ी हुई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं मंच से इसका उल्लेख करते हुए बताया कि उनकी बेटी का विवाह धमतरी जिले के परसवानी गांव में हुआ है। इस नाते वे धमतरी क्षेत्र के लोगों के समधी हुए।
वहीं विधायक अजय चंद्राकर ने भी इस रिश्ते की कड़ियां जोड़ते हुए बताया कि परसवानी निवासी एवं जिला पंचायत सदस्य टीकाराम कंवर उनके गुरु भाई हैं। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री साय की बेटी का विवाह टीकाराम कंवर के परिवार में हुआ है। इसी पारिवारिक जुड़ाव के चलते अजय चंद्राकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को स्नेह और सम्मान के साथ ‘समधी महाराज’ कहकर संबोधित करते हैं।
मुख्यमंत्री ने भी मंच से इस रिश्ते का जिक्र करते हुए दोनों परिवारों के बीच मौजूद आत्मीय संबंधों को साझा किया, जिससे कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों के साथ स्वागत किया।

सोशल मीडिया पर भी दिखा गजब का तालमेल
कार्यक्रम के बाद विधायक अजय चंद्राकर ने इस खूबसूरत तस्वीर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किया। पोस्ट में उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हुए उन्हें स्नेहपूर्वक ‘समधी जी’ संबोधित किया और बताया कि समाज के लोगों के आग्रह पर यह तस्वीर ली गई थी।
इस पोस्ट के जवाब में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी आत्मीय प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि अजय जी का यह स्नेहपूर्ण संबोधन उन्हें हमेशा आत्मीयता से भर देता है। ग्राम छाती में समाज के आग्रह पर हुई यह ‘समधी भेंट’ उनके लिए भी एक यादगार पल रही। मुख्यमंत्री ने अजय चंद्राकर के मिलनसार स्वभाव और समाज से उनके गहरे जुड़ाव की भी सराहना की।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी पहचान यहां की पारिवारिक संस्कृति, आपसी सम्मान और रिश्तों की गर्माहट है, जो राजनीति से ऊपर उठकर लोगों को जोड़ने का काम करती है।
सियासी गलियारों में भी दिए कई संदेश
राजनीतिक दृष्टि से भी इस घटनाक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अजय चंद्राकर अपनी बेबाक शैली, तीखे सवालों और मुखर व्यक्तित्व के लिए जाने जाते हैं। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शांत, संयमित और सहज कार्यशैली के लिए पहचाने जाते हैं।
पिछले कुछ समय से राजनीतिक हलकों में दोनों नेताओं के संबंधों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं और अटकलें लगाई जा रही थीं। ऐसे माहौल में सार्वजनिक मंच पर दिखी यह आत्मीयता, रिश्ते का खुला उल्लेख और सोशल मीडिया पर हुआ सौहार्दपूर्ण संवाद कई राजनीतिक कयासों को विराम देने वाला माना जा रहा है।
‘समधी भेंट’ की यह तस्वीर केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं रही, बल्कि इसने छत्तीसगढ़ की पारिवारिक संस्कृति, सामाजिक सौहार्द और आपसी सम्मान की उस परंपरा को भी सामने रखा, जहां राजनीति से पहले रिश्तों और अपनत्व को महत्व दिया जाता है।

