Renault Bridger— ऑटोमोबाइल सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए रेनो (Renault) अपनी आगामी एसयूवी *Bridger* में बड़ा बदलाव करने जा रही है। ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी अब इस कार के लिए एक खास *1.2 लीटर हाइब्रिड इंजन* पर काम कर रही है। यह इंजन मौजूदा 4-सिलेंडर पेट्रोल वर्जन से बिल्कुल अलग होगा और इसे विशेष रूप से हाइब्रिड आर्किटेक्चर के लिए डिजाइन किया गया है।
Renault Bridger: 3-सिलेंडर हाइब्रिड इंजन के साथ नई एंट्री, बेहतर माइलेज के लिए AVL की H12 तकनीक का इस्तेमाल

3-सिलेंडर लेआउट और मिलर साइकिल: क्या है खास?
रेनो ने इस हाइब्रिड मॉडल के लिए *3-सिलेंडर लेआउट* को चुना है। इस डिजाइन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इंजन का आकार काफी छोटा हो जाता है, जिससे बोनट के नीचे *इलेक्ट्रिक मोटर और बैटरी पैक* जैसे हाइब्रिड पुर्जों को फिट करने के लिए अतिरिक्त जगह मिल जाती है।
यह नया इंजन *मिलर साइकिल (Miller Cycle)* तकनीक पर आधारित होगा। सामान्य इंजन के मुकाबले मिलर साइकिल इंजन अधिक थर्मल दक्षता प्रदान करता है, हालांकि इसमें कम-आरपीएम पर पावर की थोड़ी कमी महसूस होती है। इस कमी को पूरा करने के लिए कंपनी इसमें एक शक्तिशाली *इलेक्ट्रिक मोटर* का उपयोग करेगी, जो शुरुआती टॉर्क और स्मूथ एक्सेलेरेशन सुनिश्चित करेगी।
AVL के H12 कॉन्सेप्ट से मिलेगी ताकत
इंजीनियरिंग जगत के सूत्रों के अनुसार, रेनो इस इंजन में मशहूर पावरट्रेन कंसल्टेंसी *AVL के H12 कॉन्सेप्ट* की तकनीक का इस्तेमाल कर सकती है। इस तकनीक के एकीकरण से न केवल कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, बल्कि भारी ट्रैफिक और लंबी दूरी की यात्रा में ईंधन की खपत (Fuel Efficiency) भी काफी कम होगी। 1.2 लीटर का यह हाइब्रिड सेटअप भारतीय बाजार के कड़े एमिशन मानकों और ग्राहकों की माइलेज की मांग को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।
विशेषज्ञों की राय और बाज़ार पर असर
“हाइब्रिड कारों में 3-सिलेंडर इंजन का चयन एक स्मार्ट इंजीनियरिंग फैसला है। यह वजन को संतुलित रखता है और इलेक्ट्रिक मोटर के साथ मिलकर डीजल जैसी टॉर्क और पेट्रोल जैसी साइलेंस प्रदान करता है।”
— सुमित खन्ना, ऑटोमोटिव एनालिस्ट
ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा?
Renault Bridger का यह हाइब्रिड वेरिएंट उन ग्राहकों को सीधे तौर पर टारगेट करेगा जो एक प्रीमियम एसयूवी के साथ कम रनिंग कॉस्ट चाहते हैं। 3-सिलेंडर इंजन होने के बावजूद, इलेक्ट्रिक असिस्टेंस के कारण इसकी परफॉरमेंस 4-सिलेंडर इंजन के बराबर या उससे बेहतर होने की उम्मीद है। फिलहाल, रेनो इस इंजन के टेस्टिंग फेज में है और जल्द ही इसके आधिकारिक स्पेसिफिकेशन साझा किए जा सकते हैं।

